स्वास्थ्य स्वर : बवासीर बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा बवासीर बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| नीम का तेल 50 ग्राम, कच्ची पिसी फिटकरी और पिसा सुहागा 30 ग्राम लें| फिटकिरी और सुहागा को तेल में डालकर अच्छे से मिला लें| मल करने के बाद अच्छे से साफ़ कर, मल के द्वार या गूदा पर लगायें| इसका उपयोग सुबह शाम करें| दवा का उपयोग करते समय कब्ज से बचें| मिर्च, मसाला युक्त भोजन का सेवन न करे| तजा एवं सुपाच्य भोजन करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: Jun 01, 2019. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : नशे की आदत से छुटकारा पाने का घरेलू नुस्खा-
ग्राम-रहेंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा नशे की लत से छुटकारा पाने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं | अजवाइन 100 ग्राम, शौफ 100 ग्राम, काला नमक 60 ग्राम, पीली हरण 50 ग्राम| सभी को पीस ले| उसके बाद तीन या चार नीबू के रस में भिगोकर रात को रख दे| सुबह तवे में सुखाकर रख लें| जब किसी तरह का नशा करने की ईच्छा हो, तब उस मिश्रण को एक चम्मच लेकर धीरे-धीरे चबायें| ये प्रक्रिया प्रतिदिन करें| कुछ दिनों में नशा करने की आदत छूट जायेगी| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: May 13, 2019. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पथरी बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा पथरी बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| जिन्हें इस तरह की समस्या हो| वे पथरचट्टा पौधे की एक या दो पत्ता लेकर सेंधा नमक के साथ सेवन करें| इससे पथरी की समस्या से आराम मिल सकता है, साथ ही पाचन शक्ति में लाभ हो सकता है| अधिक जानकारी के लिये| संपर्क कर सकते हैं: चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: May 09, 2019. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER
वैशाख मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को ही अक्षय तृतीया कहते हैं-
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी अक्षय तृतीय महापर्व के बारे में बता रहे हैं | हिदू संस्कृति में व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व है| ये नई प्रेरणा और स्फूर्ति का सृजन करते हैं| वैशाख मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को ही अक्षय तृतीया कहते हैं। अक्षय का शाब्दिक अर्थ हैं| जिसका कभी क्षय न हो| यह माह गर्मी का होता है, और माना जाता है अक्षय तृतीया के दिन दिया गया, दान कभी नष्ट नहीं होता। उसका फल आपको इस जन्म के साथ-साथ कई जन्मों तक मिलता रहता है।
Posted on: May 03, 2019. Tags: CG CULTURE MUNGELI RAMAKANT SONI SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : तुलसी के औषधीय गुण-
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी तुलसी पौधे के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे हैं| भारत में तुलसी का पौधा हर जगह मिल जाता है| इसका पौधा वातावरण को स्वच्छ और कीटाणु रहित करते हैं| पूजा पाठ में भी इसे शामिल किया जाता है| तुलसी के पौधे का आयुर्वेद में विशेष स्थान है| तुलसी को लेकर शास्त्रों में कई कथायें हैं| इसे पवित्र पौधा माना जाता है| वैद्य रमाकांत सोनी@9589906028.
