गोंडी गीत : रे रे लोयो रे रे लोयो रेला रेला...
ग्राम-खैराभाट, पंचायत-खडखागाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से चन्द्रभान उनके साथ है ग्रामीण महिलायें जो गोंडी गीत में गीत सुना रही है. आदिवासी इलाका है जहाँ के आज भी अपनी संस्कृतियों के अनुसार से चलते है और कोई से भी क्षेत्र से आदिवासी समुदाय हो अपनी रीतिरिवाज में गीतों को उच्च वर्ग में महत्व दिए है किसी भी या कैसे भी कार्यक्रमों में प्रस्तुत करतें.
Posted on: Dec 12, 2019. Tags: CHANDRABHAN NARAYANPUR CG SONG
आये मितारी बनाले पुलिया...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कुमली, पंचायत-गढ़बेंगाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से उर्मिला और सुकीदाई एक छत्तीसगढ़ी विवाह गीत सुना रहे हैं :
आये मितारी बनाले पुलिया-
तोरे पुलिया भसकगे हंसते दुनिया-
पांव घुंघरू अउ छतिया में चोला-
झन काबे टूरा मसक देहू तोला-
हाथ भर माखुर मिजेल नहीं आये-
हमर तेल गाही बस्तर समझेल नहीं आये...
Posted on: Dec 08, 2019. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
कविता : हाथी भालू में था सच्चा-सच्चा मेल...
ग्राम-क्रोकोड़ी, पंचायत-बागबेड़ा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से चंद्रभान मार्को और उनके साथ है ग्रामीण स्कूल छात्र एक कविता सुना रहा है:
हाथी भालू में था सच्चा-सच्चा मेल-
दोनों मिलकर खेल रहे थे लुकाछिपी का खेल-
साथी बोला सुन भाई भालू अब मैं छिपने जाता हूँ-
पानी वाली जगह में मिलूँगा पक्की बात बताता हूँ...
Posted on: Dec 05, 2019. Tags: CHANDRABHAN MARKO NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
देशभक्ति गीत : ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन...
ग्राम-कुचवाही, पंचायत-जमुड़ी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से चन्द्रभान और उनके साथ है ग्रामीण युवती प्रियंका कोर्राम, प्रियंका पोटाई, एक देशभक्ति गीत सुना रहें है:
ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन-
तुझ पे दिल कुर्बान तू ही मेरी आरजू-
तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान-
हम जहा पैदा हुयें है उस जगह ही निकालें दम-
ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन-
तुझ पे दिल कुर्बान तू ही मेरी आरजू...
Posted on: Dec 05, 2019. Tags: CHANDRBHAN SINGH NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
प्रार्थना : उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है...
ग्राम पंचायत-बम्हनी, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से चंद्रभान सिंह साथ में संजना, कुमारी सुनीता, अनीता एक प्रार्थना सुना रहें हैं:
उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है-
जो सोवत है सो खोवत है, जो जगत है सोई पावत है-
नींद से अखियाँ खोल जरा, और अपने प्रभु में ध्यान लगा-
यह प्रीत कारन की रीत नहीं, रब जागत है तू सोवत है-
नदान भुख्त कर नित्यत नि ये पापी पाप में चैन कहा-
जो कल करना सो आज करले जो आज करे सो अभी...
