गांव में पानी की समस्या है, बोलने पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, कृपया मदद करें-
ग्राम पंचायत-बेगा, ब्लाक-लोहांडीगुडा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से चमारा राम मोहरे उनके गांव में पानी की बहुत समस्या है| उनके पारा में एक हैण्डपंप हैं परन्तु लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नही मिल पाता है| वर्तमान में कुआँ से पानी पीते हैं| इसके लिए उन्होनें सचिव सरपंच को आवेदन कियें हैं लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हुआ इसलियें सीजीनेट साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं, की दियें गयें नंबरों पर बात कर के समस्या का समाधान कराने में मदद करें: 9406430857, कलेक्टर@8458956694.
Posted on: Jan 14, 2022. Tags: BASTAR BEGA CG CHAMARA RAM LOHANDIGUDA PROBLEM WATER
बीज उपचार के तरीके
ग्राम-चितापूर (खालेपारा), ब्लाक-दरभा, जिला- बस्तर (छत्तीसगढ़) से सम्पत कश्यप जी बता रहे हैं इस गाँव में देसी तरीके से बीज उपचार के लिए ट्रेनिंग दी गई है|बीज उपचार के लिए नमक पानी का घोल बनाकर धान को डाल दिया जाता है| इसके बाद ऊपर तैरने वाली बीज को फेंक देना होता होता है|नीचे वाली धान को निकालकर सूती कपड़े में रखकर सूखा लेना है| इसके पश्चात खेतों में बो सकते हैं|इस तरीके से अच्छी बीज का चुनाव कर सकते हैं|अधिक जानकारी के लिए नंबर पीड़ित@6268740200, कलेक्टर@845896694, सरपंच@797410 4633, सचिव@94790953.
Posted on: Jan 14, 2022. Tags: BASTAR CG CHITAPUR DARBHA SEED SITAPUR KASHYAP TRETMENT
नया रोजगार खड़ा हुआ हैं गोठान है
ग्राम-बड़े कड़मा, ब्लाक-दरभा, जिला- बस्तर (छत्तीसगढ़) से सोनारू मौर्य जी सीजी नेट के श्रोताओं को बता रहे है इन्होंने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत मैं पूरी गाँव के गाय भैल को चराकर गोबर इकट्टा काढ़े हैं और इस गोबर को 2 रुपये कि.लो.में बेचकर पैसा कमाते हैं|प्रतिदिन 3 क्विंटल गोबर मिलता है जो की सालाना लगभग 20 हजार रुपये मिल जाता है साथ ही गाँव से साल में एक बार प्रत्येक घरों से 60 कि.लो. धान मिल जाता है|इस तरह से इनकी सालाना अच्छी कमाई हो जाती है| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@6265197517.
Posted on: Jan 14, 2022. Tags: BADEKADMA BASTAR CG CHITAPUR DARBHA GOTHAN INFORMATION SONARU MOURYA
गौठान के गोबर बेचकर बाइक खरीदी
ग्राम-बड़े कड़मा, बकल-दरभा, जिला- बस्तर (छत्तीसगढ़) से सोनारू मौर्य जी सीजी नेट के श्रोताओं को बता रहे है इन्होंने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत मैं पूरी गाँव के गाय -भैल चराने का काम करते हैं|इस कार्य के लिए इन्हे खाने खाना मिल जाता है और फसल कटाई के बाद धान भी मिल जाता है|इनका कहना है की इन्होंने गोठान से इकट्टा हुए गोबर को 2 रुपये किलो. में जो समिति बनी है उसे बेच देते हैं और इन्ही पैसों से मैंने एक सेकेंड हेंड बाइक भी खरीदी है|सधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@6265197517.
Posted on: Jan 14, 2022. Tags: BADEKADMA BASTAR CG DARBHA GOTHAN INFORMATION SONARU MOURYA
कैसे इंद्रावती नदी हुई मिचनार से दूर, क्यूँ पड़ा पहाड़ का नाम मगर पकना, जानिए लोक कथाओं से...
महादेव कश्यप पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र बने रहने वाले मिचनार के प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी हैं जो कि ग्राम पंचायत- मिचनार नं. 1, ब्लॉक- लोहांडीगुड़ा, जिला- बस्तर, छत्तीसगढ़ में रहते हैं। वे मिचनार के मगर पकना पहाड़ और इंद्रावती नदी से जुड़ी लोक कथा बता रहे हैं। राजा राहूण, जिनको आदिवासी देवों के राजा मानते हैं, की सभा पहाड़ पे लगती थी। मान्यता है कि जब कालाहांडी से इंद्रावती नदी का उद्गम हुआ, तो एक दैवीय मगर नदी को मिचनार के तरफ दिशा दे रहा था। राजा राहूण की सभा ने यह निर्णय किया की नदी को वहाँ आने से रोकना होगा ताकि तहस नहस होने से बचाया जा सके। राजा राहूण के निर्देश पे उनके सिपाही ने उस दैवीय मगर का वध कर के नदी का रुख मोड़ दिया। इसी कारण आज इंद्रावती नदी मिचनार से ना हो के चित्रकोट से बहती है। और भी कई रोचक कथाएँ सुना रहे हैं महादेव जी...
