आमचो बस्तर इतलो सुंदर दिन के फले फूले रे...हल्बी गीत
जिला-जगदलपुर, बस्तर (छत्तीसगढ़) से गीता नाग एक पारंपरिक हल्बी गीत सुना रही हैं :
आमचो बस्तर इतलो सुंदर दिन के फले फूले रे-
गुडबा माचर गुनगुने से दिन डोंगरी चो पड़े-
नानो ली वैया-वैया नानो ली वैया-
बैला डीला, बैला डीला, बैला डीला, बैला डीला...
Posted on: Mar 25, 2019. Tags: CG GEETA JAGDALPUR NAAG SONG
मोला दगा दिये दगावाली ओम, तै खाबे कमाबे, मजा उड़ाबे...गीत
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
नजर भर देख तो ले ले ओ, नजर भर देख तो ले ले यार-
मोला दगा दिये दगावाली ओ-
तै खाबे कमाबे, मजा उड़ाबे-
का नजर भर देख तो लेले-
कहां जाके रुखमा बईठे हे खुसरा-
हमर पिरत बने रही, का करबो दूसरा...
Posted on: Mar 25, 2019. Tags: CG MEVALAL DEVANGAN SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
तेरे दर पे ओ मेरी मईया, तेरे दीवाने आये हैं...देवी गीत-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक गीत सुना रहे हैं :
तेरे दर पे ओ मेरी मईया, तेरे दीवाने आये हैं-
भर दे झोली मईया मोरी, बिगड़ी बनाने आये हैं-
हम तो चले आये माँ दिल में तेरी अरमान लिये-
तेरे दर पे ओ मेरी मईया, तेरे दीवाने आये हैं...
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : वात की समस्या का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, तहसील-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा वात की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं| वात ऐसी समस्या है, जिसमे शरीर में दर्द बना रहता है| जिन्हें ये समस्या हो वे हल्दी, मेथी, सोंठ तीनो को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें| उसके बाद चूर्ण को एक डिब्बे में रख लें| एक-एक चम्मच चूर्ण दिन में दो बार सुबह-शाम सेवन करें | भोजन में खट्टी चीजे और गरिष्ठ पदार्थ का सेवन न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER
बाजार चले जाना, न छोडो तोला रे दोस...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
ऐ सना नना जी, रात रही जाना-
बाजार चले जाना, न छोडो तोला रे दोस-
त्रिशूल ला मांगे मा सिंदूर गुख ले-
मोर नाव बताये देबे, मोर गांव पूछ ले-
ऐ सना नना जी, रात रही जाना-
बाजार चले जाना, न छोडो तोला रे दोस-
त्रिशूल ला मांगे मा सिंदूर गुख ले...
