रामे राम बसे राम में रामकोला...सरगुजिया गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
रामे राम बसे राम में रामकोला-
कहबि डरिया डाक फूटे अमरैया कोला-
बना ला टोरे डेठा ला कहां करे-
अनंनी रुपइया नजरी कहां करे-
नदी सूखे नाला सूखे काला पछताया-
वोहू देन दीपक करे जाने के लगाया-
बहू दिन में विपत परे जाने के लगाया...
Posted on: Jun 12, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
नदी चर भला लके मोरे जीवा जरत हे...डोमकच गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छतीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे है:
नदी चर भला लके मोरे जीवा जरत हे-
काटले डहुरा लके मन कुमला लक-
मन कुमलालख सोना मन कुमला लके-
नदी कर बाला लखे मोरे जीवा जरत हे...
Posted on: Jun 07, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
तोला का बताऊंगा बुधवा किसान तोला का बताऊं...छत्तीसगढ़ी किसान गीत -
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
तोला का बताऊंगा बुधवा किसान तोला का बताऊं-
नांगर डोहे जीवा डोहे आऊ डोहे खुदारी-
बारह से एक बजे आस हो गए अंधरी-
हाय बड मजनी दे जोहरी का तोहरी तोला बताऊं-
तोला का बताऊंगा बुधवा किसान तोला का बताऊं...
Posted on: Jun 07, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
मया से बलाबे होले, तोरे घरे जाबो होनिहाय...डोमकच गीत
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे हैं :
मया से बलाबे होले, तोरे घरे जाबो होनिहाय-
अकेला देखाबे सोना तोरो सेवई माने-
हंसे ला देखाबे मैना तोरो से से बई माने-
तोरो घर जाबो सोना आखे ला देखबे होल तोरो सेवई माने-
भरियो बाजारे जाबे चुपके से पानो खाबे-
कोने राई हरम जादी तिहला बताइयो देला...
Posted on: Jun 06, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
आमा पतई बगई डोरा ये झुलनी झुलाबों रे...डोमकच विवाह गीत-
ग्राम-पेडारी, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से देवन्ती मरकाम, कैलासो देवांगन, राजमती और मनबसिया एक डोमकच विवाह गीत सुना रहे है:
आमा पतई बगई डोरा ये झुलनी झुलाबों रे-
आमा पतई बगई डोरा-
झुलनी झुलाबों रे तुहर पारा हमर टोला-
जोड़ी मिलाबो रे तुहर पारा हमर टोला-
पेंडारी लाल माटी ये कहा कर-
आमा गाछी ये काहा कर लाल माटी-
काहा कर आमा गाछी-
कहा जगे लोलो रे लगाले फुलवार-
पेंडारी कर आमा गाछी बसंतपुर कर-
लाल माटी ईरिया में लोलो रेलगथे फुलवार-
आमा पतई बगई डोरा ये-
झुलनी झुलाबों रे आमा पतई बगई डोरा...

