पीड़ितों का रजिस्टर : 2016 में नक्सलियों ने जान से मार दिये...

ग्राम पंचायत-आलबेड़ा, ब्लाक-ओरछा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सन्नो बाई पति मंगलू बता रहे हैं उनके पति को 2016 में नक्सलियों ने मार दिये| फिर वे लोग डर से अपना गांव छोड़कर गुडरी पारा में आकर रह रहे है, घटना के बाद उन्हें सरकार के तरफ से पांच लाख सहयोग राशि मिला था| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9406304670.

Posted on: Sep 11, 2021. Tags: 2016 CG DISPLACED KILLD MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SANNOBAI MANGALU VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : चाचा को नक्सलियों ने जान से मार दिए, डर से गांव छोड़ना पड़ा...

सोनारू, पिता लच्छू, ग्राम पंचायत-गटाकल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, उनके चाचा पांच साल तक नक्सलियों के साथ काम किया । घर आने के बाद उन्हें नक्सलियों ने जान से मार दिए लेकिन उनके घर वालों को किसी को पता नहीं था। तीन महीने के बाद उनके घर में पता चला। फिर वे लोग अपना पुराना गांव छोड़कर डर से भाग कर शांतिनगर नारायणपुर में रह रहे हैं। उनके परिवार को सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशि नहीं मिला है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@6382118338.

Posted on: Aug 27, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SONARU VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : पुलिस द्वारा ना पकड़े जाने पर नक्सलियों ने मुखबीर करार दिया...

सोमाराम उसेंडी, ग्राम कुतुल तहसील ओरछा जिला नारायनपुर, बताते हैं कि वे नक्सलियों द्वारा मारे जान के डर से 2016 से नारायणपुर में रहते हैं व रोजी मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। वे अपने गाँव के बाकी लोगों की तरह ही नक्सलियों के संपर्क मे थे। उनके घर छोड़ कर भागने की कहानी तब शुरू होती है जब वे एक दिन सुबह खाना कहा रहे थे। चूंकि उनके गाँव में एक नक्सली मारा गया था, एक पुलिस की टुकड़ी गश्त के लिए उसी समय उनके गाँव पहुंची। नक्सलियों के आस पास होने के कारण उनकी पुलिस से मुठभेड़ शुरू हो गई। जब पुलिस वापस चले गई, तब नक्सलियों को संदेह हुआ कि पुलिस ने सोमाराम को पकड़ा क्यूँ नहीं और इसी आधार पर उनपे मुखबिरी का आरोप लगाया। मारे जाने से के डर से वे रातों रात गाँव छोड़ कर नारायणपुर भाग आए। इसी बीच पुलिस ने उनके घर पे 2 बार दबिश की। जब नक्सलियों को खबर मिली की वह नारायणपुर भाग गए हैं, तो उनका संदेह और मजबूत हो गया कि वे पुलिस को माओवादियों की खबर पहुंचाने गए हैं। जब वे लौट कर अपने घर आए, तो गॉंव वालों ने बताया कि नक्सली उन्हें मारने की फिराक मे हैं। इसी डर से वे दुबारा नारायणपुर भाग आए और तब से यहीं रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है लेकिन सरकार से ना जमीन मिली है ना ही कोई सहयोग राशि। संपर्क नंबर@7647938065.

Posted on: Aug 08, 2021. Tags: 2016 CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SOMARAM USENDI VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : पिता जी को सलवा जुडूम के समय 2006 नक्सलियों में जान से मार दियें...

लक्ष्ण दुग्गा पिता-सोमारू राम दुग्गा ग्राम पंचायत-बोरपाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, उनके पिता जी को सलवा जुडूम के समय 2006 नक्सलियों में जान से मार दियें, गांव के सरपंच थे पहले| उन्हें सरकार के तरफ से सहयोग राशि मिला था| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@6266649799.

Posted on: Aug 07, 2021. Tags: 2006 CG DISPLACED KILLD LAXMAN DUGGA MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलीयों का काम नहीं करेंगे तो मारे जाएंगे...

ग्राम पंचायत-तोयेनार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से रूपसाय सलाम बताते हैं की उन्होंने 3-4 साल नक्सलियों के लिए काम किया, लेकिन वर्त्तमान में उन्हीं के द्वारा मारे जाने के भय से पिछले 8-9 साल से शांतिनगर में रह रहे हैं। उनका पैतृक गाँव तोयनार है, जहाँ उनके घर को नक्सली हथियार व गोला-बारूद रखने के लिए इस्तेमाल किया करते थे। फिर दूसरी टुकड़ी आकर उसे ले जाती थी। वे नक्सलियों के लिए चावल, सब्जी वगैरह भी इकठ्ठा करते थे। वे कहते हैं कि वे नक्सलियों के लिए काम करने को मजबूर थे क्यूंकि अगर वे काम करने से इंकार करते, तो उन्हें मार दिया जाता। एक बार उनका किसी काम से शांतिनगर जाना हुआ जहाँ पे पुलिस को खबर मिलते ही उन्हें पकड़ लिया गया। वे उन्हें उनके गाँव ले गए व उन्हें बाध्य कर सारा असला-बारूद दिखाने को कहा। उसे जब्त कर पुलिस उन्हें भी अपने साथ वापस ले आयी। उन्हें कहा गया कि वापस जाना खतरे से खली नहीं होगा और सहायता राशि के नाम पे रू.1000 दिए। तब से वे शांतिनगर में ही रह रहे हैं और मजदूरी कर के गुज़ारा चलाते हैं। संपर्क नंबर@9770727570.

Posted on: Aug 07, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR RUPSAY SALAM VICTIMS REGISTER

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