जोगी खड़ो द्वारे करता सवाल माँ...गीत
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा
एक गीत सुना रहें हैं :
जोगी खड़ो द्वारे करता सवाल माँ-
ना देवर ना घर में हमार बालमा-
जोगी की इच्छा ओ माँ डालो भिक्षा-
माँ डालों भिक्षा तुम्हारी परीक्षा-
हसीयों में कुटिया पे लेखा जाल माँ-
राखो ना परखा माँ पार करो रेखा...
Posted on: Feb 28, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
हसन्त भुदीन बंदु हरी करण रहित दयाल...दोहा गीत
ग्राम-बरसीकला, पोस्ट-अन्दवा, थाना-पनवार, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुशवाहा एक दोहा सुना रहें है:
हसन्त भुदीन बंदु हरी कारण रहित दयाल-
तुलसीदास सक्त भजन क्षाण कपट जंजाल-
चले राम लक्ष्मण मुनी संधा-
गयें जहा जग पावन गंगा-
गांधी सुन सब कथा या सुनाये-
जही प्रकार सुर सरीमही आये...
Posted on: Feb 27, 2018. Tags: DAYASAGR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
कोई रोक सके तो रोक मुझे मै आ रही सन-सन...गीत
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुमार कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
कोई रोक सके तो रोक मुझे, मै आ रही सन-सन-
पुरखे भागीरथ के तार चले रे-
धरती पे गंगा की धार चली रे-
इस बात को जानता भू-मण्डल-
ब्रम्हा ने सरन में उठाया कमंडल-
विष्णु के दो रहे चरण रहे...
Posted on: Feb 26, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
घर में साबुन बनाने की विधि...
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लडवारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाह साबुन बनाने की विधि बता रहे हैं, साबुन बनाने के लिए कांच के एक बड़े बर्तन में बेनौली का तेल या सोयाबीन का तेल लेकर उसमे समान आयतन में कास्टिक सोडा का सान्ध्र विलयन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिला लें, इसके बाद किसी छड से अच्छे से हिला लें अभिक्रिया के फल स्वरूप साबुन बनता है उस पेस्ट को चौकोर बर्तन में उलटकर ठंडा होने दें, साबुन ठंडा होकर जम जाता है होने के बाद पेस्ट जम जाता हैं उसके बाद चाक़ू से काटकर छोटी-छोटी बर्फियां बना ले. इस तरह से आप अपना खुद का साबुन बना सकते हैं और उसे बेच भी सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए संपर्क मनोज कुशवाह@9174493226.
Posted on: Feb 22, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAH SONG VICTIMS REGISTER
राम चन्द्र जोगिया भइल सीता जी जुगिनिया...भजन गीत
धरम सुरलीपारा, ग्राम-करमडीहा, तहसील-वाड्रफनगर, थाना-रमकोला, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संजय कुशवाहा एक भजन गीत सुना रहे हैं:
रामचन्द्र जोगिया भइल सीता जी-
जुगिनिया लक्ष्मण झोला दैके-
बिलखी हो बिलखी मनवा-
जाय लक्ष्मण झोला दैके-
आहा हो लक्ष्मण झोला दैके...
