हमको पढने को जाए दिहा स्कूलिया बाबू...बघेलखंडी शिक्षा गीत

ग्राम कांदु-कैलाशपुरी, जिला-रीवा (मप्र.) से सुमन देवी एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, गीत के माध्यम से वे अपनी समस्या और एक स्कूल के लिए मांग भी रख रही हैं:
हमको पढने को जाए दिहा स्कूलिया बाबू-
लड़का-बच्चा खूब पढ़ावा,लड़का-बच्चा खूब पढ़बा-
पढ़-लिख के खूब आगे बढ़ावा-
करों न केहुके हरवाही हो-
बहनी! मोरे भैया....हाय-हाय हो-
साहब की लग जाए,धक से धक से-
हमरे साहब जी की गाड़ी अव बंगला-
हमरे गरीबो की टूटही मड़इया-
अपने से स्कूल खुलाए हो-
भैया...! मोरी बहना

Posted on: Nov 19, 2014. Tags: SONG Suman Devi VICTIMS REGISTER

हरे रामा पिया गए परदेश, चिठिया नाही भेजइं रे हरी...सावन गीत

मानसी देवी ग्राम-चिनहर, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से एक सावन गीत गा रही हैं :
हरे रामा पिया गए परदेश
चिठिया नाही भेजइं रे हरी
हरे रामा बहुआ करे जे बनधीर
ललन घरे अइहैं हो हरी
हरे रामा पिया...
हरे रामा लहुरी तू कइला पूजा
देवर घरे अइहैं हो हरी
हरे रामा पिया...
हरे रामा भाभी तू कइला तपस्या
भइया तो घरे अइहैं हो हरी
हरे रामा पिया...

Posted on: Aug 18, 2014. Tags: Mansi Devi SONG VICTIMS REGISTER

घर से बाहर भैलों, गैलों लुधियनवां...ए साजन...पलायन विरह गीत

कैलाश गिरी, बोकारो झारखण्ड से तरुआ देवीजी का गाया गीत रिकॉर्ड कर रहे हैं. गीत झारखण्ड में रोजगार के अभाव में होने पलायन से सम्बंधित है, पत्नी -अपने पति के दूर चले जाने पर अपनी बिरह-वेदना प्रस्तुत कर रही है...
घर से बाहर भैलों, गैलों लुधियनवां... ए साजन..!
साजन ना करील हमर, बनवे के खनवां...ए साजन
सुबह-शाम घरवां में पोछवा लगैलू
दालि-रोटी-शब्जी हमें, मालिक के खियवलू
धोवे के नाहीं मन करे, जूठा बरतनवा...ए साजन...!
साजन ना करील हमर...
मालिक कहे सुना नौकर, ईधर आओ..!
सरसों का तेल लेके, पैर-हाथ दबावो.....!
अंखिया से बहैलों रे भीगे है नयनवां ...ए साजन ..!
घर से बहार भैलों, गैलों लुधियनवां... ए साजन..!
साजन ना करील हमर............

Posted on: Jul 11, 2014. Tags: SONG Tarua Devi VICTIMS REGISTER

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