तेलंगाना में आदिवासी समुदाय खेती से पहले बीजा त्योहार मनाते हैं...

ग्राम-कोटुल, जिला-भद्रादी कोठागुडम (तेलंगाना) से भोला बघेल ग्रामवासियों के साथ चर्चा कर रहे हैं| वे बता रहे हैं| गांव में बीजा त्योहार मनाया जा रहा है| जिसमे महिलायें राह चलते लोगो को रोककर टीका लगाते हैं, और जाने वाले लोग उन्हें कुछ रुपये देते हैं| इसे माठी त्योहार के नाम से भी जाना जाता है| इसके बाद ही वे खेती का काम शुरु करते हैं| त्योहार में महिलायें सामूहिक गीत गाते हैं|

Posted on: Jun 10, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM BHOLA BAGHEL CULTURE SONG TELANGANA

आदिवासियों का महासम्मलेन 12-13 जून को कोंटा छत्तीसगढ़ में...सभी को आमंत्रण-

कोंटा (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल बता रहे हैं| बुधवार 12 और गुरुवार 13 जून को कोंटा बस स्टैंड के सामने सुबह से शाम तक छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा के आदिवासियों का महासम्मलेन होने जा रहा है| जिसमे वे सीजीनेट के सुनने वाले सभी श्रोताओ को आमंत्रित कर रहे हैं| कार्यक्रम में नृत्य संगीत के साथ आदिवासी संस्कृति पर विचार व्यक्त किये जायेंगे| कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिष्ठित लोग शामिल होंगे| उसमे सभी शामिल हो सकते हैं| जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9490353568.

Posted on: Jun 09, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG INFORMATION KONTA SONG VICTIMS REGISTER

पुलेर पुलेर माड़ी को, भाई सोहले पुंदर-पुंदर माडी...गीत-

तेलंगाना से इंदडी, शांति, सोड़ी, मडकंदी एक गीत सुना रहे हैं, ये गीत माटी त्योहार के समय गया जाता है :
पुलेर पुलेर माड़ी को, भाई सोहले पुंदर-पुंदर माडी-
बाही पुनदड चौ बर्ष माटी चौ-
पुलेर पुलेर माड़ी को, भाई सोहले पुंदर-पुंदर माडी-
बाही पुनदड चौ बर्ष माटी चौ...

Posted on: Jun 08, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL SONG TELANGANA VICTIMS REGISTER

रोजगार गारंटी में समय से पैसा नहीं मिलता, लोग आंध्रा काम करने जाते हैं...

ग्राम-दरबागुडा, विकासखण्ड-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से शिवम बलराम बता रहे है, कि वे खेती करते हैं| लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण उपज सही मिल नही पाता है| वे गाँव में मनरेगा के तहत काम करते हैं| जहाँ उन्हें 172 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान होता है|काम का पैसा मिलने के लिए 3-4 महीना लग जाता है| समय से भुगतान नहीं होने के कारण लोग आंध्रप्रदेश में काम करने जाते हैं| गांव में काम नहीं करते| वहां उन्हें 200-250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिलता है|

Posted on: Jun 03, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG KONTA SONG STORY VICTIMS REGISTER

भूमि पट्टा होने से हम खेती कर जीवन जी सकते हैं-

ग्राम-रामनका पेटा, पंचायत-रंगापुरम, मंडलम-आत्रापेटा, जिला-भद्रादी कोठगुडम (तेलंगाना) से हिडमा सोडी बता रहे हैं| वे उड़ीसा से आकार वहां रह रहे हैं| और वनों से लकड़ी काटकर अपना जीवन जीते है| जिस पर वन विभाग का कहना है| यहाँ से चले जाओ| निवासी हिडमा सोडी का कहना है| उन्हें भूमि पट्टा दिया जाये| जिससे वे खेती कर जीवन जी सकें| भूमि पट्टा होने से उन्हें सुविधा हो जायेगी और वे शांति से जीवन जी सकेंगे| उनका कहना है| वनों को नहीं काटना चाहिये| इससे जीवन प्रभावित होता है| और दिक्कते आ सकती है|

Posted on: Jun 02, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM BHOLA BAGHEL SONG TELANGANA VICTIMS REGISTER

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