राम जी लहरी लगाई, चला तो जनकपुर जाई...कर्मा गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक कर्मा गीत सुना रहे हैं :
राम जी लहरी लगाई, चला तो जनकपुर जाई-
सब दिना लिपे पोते जनक महारानी-
एक दिना सीता चल पड़े रे-
इसने जनक बेटी जानकी अगार मोकी-
तेकर निता धनुष मढ़ाई-
राम जी लहरी लगाई, चला तो जनकपुर जाई...
Posted on: Aug 30, 2019. Tags: CG KAILASH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वाथ्य स्वर : गर्मी के दिनों में सिर में दर्द, चक्कर आने की समस्या का घरेलू उपचार-
ग्राम-कुमारगनिया, पोस्ट-बाजार चारभाठा, तहसील-सहसपुर लोहरा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य कनकराम कौशिक गर्मी के दिनों के आंखों के सामने अँधेरा, सिर में दर्द होना, और अचानक चक्कर आने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं | सूखा आंवला बिना गुठली वाला 6 ग्राम और सुखा धनिया 6 ग्राम लें| दोनों को कूटकर पीस लें| उसके पश्चात मिट्टी के बर्तन (पोला) में 250 ग्राम पानी के साथ चूर्ण को भिगो कर रख दें| सुबह उसे मसलकर छान लें, और 2 चम्मच मिश्री मिलाकर सेवन करें | लगातार 3-4 दिनों तक सेवन करने से लाभ हो सकता है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9179998149.
Posted on: Aug 30, 2019. Tags: CG HEALTH KABIRDHAM KANAKRAM KAUSHIK SONG VICTIMS REGISTER
ताका तय मितानिन फूलो का हिआय...हल्बी गीत-
बेनूर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गा बघेल एक हल्बी गीत सुना रही हैं :
झाकय मितानिन फूलो का हिआय-
ताका तय मितानिन फूलो का हिआय-
तै डंडा माली इनी तरा हाय-
इनी का राय हाय-
झाकय मितानिन फूलो का हिआय...
Posted on: Aug 28, 2019. Tags: BHAN SAHU CG NARAYANPUR SONG
दुश्मन दुश्मन बनल ज़माना कैसे जी दीवाना...भोजपुरी गीत-
ग्राम-सजनखार, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से आरुषी नायक एक भोजपुरी गीत सुना रही हैं :
दुश्मन दुश्मन बनल ज़माना कैसे जी दीवाना-
अपना भाईल बेगाना हो-
कैसे जीही दीवाना-
दुश्मन बनल ज़माना कइसे जी दीवाना-
अगर गम मोहब्बत पे हावी न होता-
तो खुद की कसम मैं सराबी न होता-
केहू ना बेवफा ह झूठो सब बदनाम करे...
Posted on: Aug 28, 2019. Tags: ARUSHI NAYAK CG KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
ग्रामीण महिलायें समूह में काम कर अपनी और दूसरो की मदद करते हैं-
ग्राम-कोलियारी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से हिरामनी नाग बता रही हैं| वे 2015 से बिहान योजना में काम कर रहे हैं| काम शुरू करने से पहले वे सभी गोल आकार में बैठकर प्रार्थना करते हैं| उसके बाद काम करते हैं| उनके एक समूह में 10 से 15 सदस्य होते हैं| समूह के जो सदस्य बैठक में नहीं आते हैं| उससे दंड के रूप में शुल्क लिया जाता है| बीमार पड़ने या कोई समस्या होने पर शुल्क नहीं लिया जाता है| सप्ताह में एक बार बैठक होती है| जिसमे 10 रुपये बचत जमा किये जाते हैं| जो पैसा वे जमा करते हैं| उसे बीमार होने पर या आवश्यकता होने पर दिया जाता है| गाँव में 10 समूह है| समूह के प्रशिक्षण लिये जानकर लोगो को बुलाया जाता है| और समय-समय पर निरिक्षण होता है|
