वनांचल स्वर: इनकी ग्राम पंचायत में कोई भी आश्रित ग्राम नहीं है-
ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि उनके गांव से सभी लोग जंगल पर आश्रित हैं। इनकी ग्राम पंचायत में कोई भी आश्रित ग्राम नहीं है।
उनके गांव में हलबा और गोंड जनजाति के लोग रहते हैं। संपर्क@8839492918. (185603) GT
Posted on: Feb 15, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR
वनांचल स्वर: उस सम्मेलन में अनुभव से भरे बुजुर्ग, ऊर्जा से भरे युवा...
ग्राम-धनेली (कन्हार), तहसील- कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार 15 मार्च को होने वाले महासम्मेलन के बारे में बता रहे हैं। उस दिन 15 मार्च को विधिवत ढंग से ग्राम गायता का चुनाव होना है। जिस प्रकार मुखिया और विधायक का चुनाव होता है, उसी प्रकार से गांव नीति का भी चुनाव होता है। उस सम्मेलन में अनुभव से भरे बुजुर्ग, ऊर्जा से भरे युवा, ममता से भरी माताएं उपस्थित रहेंगी। सम्पर्क@8839492918.(185588) GT
Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR
वनांचल स्वर: वनवासियों की देव नीति...
ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) विरेन्द्र कुमार जो धनेली कन्हार के सरपंच हैं, ग्राम के महासम्मेलन के बारे में जानकारी दे रहे हैं| पूर्वज बताते थे कि गाँव के गायता, पटेल की नियुक्ति सर्वसम्मीति से होनी चाहिए| शीतला के पुजारी निर्वाचक होते हैं| जिस प्रकार विधायक, सरपंच के चुनाव होते हैं| पूर्वज ने देव नीति की स्थापना की थी जिसकी मदद से नियम-कायदे बनाए जाते थे , चुनाव करवाए जाते थे| आगामी १५ मार्च को गायता पुजारी का विधिवत निर्माण होना है महासम्मेलन के दौर होंगे| 52 परगना के देव, मांझी, मूरादार, पुजारीयों की उपस्तिथि होगी| सभी उम्र के लोगो कि उपस्तिथि होगी| गाँव की सीमा के अंदर रहने वाले सभी जीवों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान होगा| संपर्क:- 8839492918(RM)
Posted on: Feb 08, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR
खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें...कहानी
राजनन्दगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक कहानी सुना रहे हैं-
एक बार गुरु नानक जी अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे, तो एक गाँव में रुके गाँव वालों ने उनका बड़ा अपमान किया, तो गुरु नानक जी ने कहा मिल के रहो| और दुसरे गाँव गये वहां उनका बड़ा सम्मान हुआ, तो गुरु नानक जी ने कहा बिखर जाओ| शिष्यों ने पूछा तो नानक जी ने सरल शब्दों में जवाब दिया| कोई भी गंदा वस्तु फैलना नही चाहिए| इसलिए इकट्ठा रहने को बोला| अच्छे लोगों का फैलाव होना चाहिए, जिससे अपने साथ ओरों को भी ज्ञान दे सके| खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें| (181995) MS
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
वनांचल स्वर: मंडप बनाने के लिए जंगल से जामुन और डूमर की शाखा का उपयोग करते हैं...
ग्राम-धनेली (कन्हार), तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार अपने ग्राम में हलबा और गोंड समाज के लोगों के द्वारा विवाह करने की विधि के बारे में बता रहे हैं। आदिवासी जंगलों में रहते हैं उन्हें प्रकृति का पुजारी भी माना जाता है। यह लोग विवाह के मंडप बनाने के लिए जंगल से जामुन और डूमर की शाखा का उपयोग करते हैं। वह बताते हैं कि मंडप में इस्तेमाल होने वाले पेड़ों के बदले में वह बच्चों के जन्म के बाद जंगल में दुगने महुआ के पौधे उग आते हैं। कुमार के अनुसार यह रिवाज पहली बार सन् 2000 में शुरू हुआ। सम्पर्क@883949291. (185569) GT
