नदी कर बालू सीआही बरोबर...कर्मा गीत

ग्राम-खन्डोरी, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जयंती आयाम साथ में सत्यवती श्यामले एक कर्मा गीत सुना रहे है:
नदी कर बालू सीआही बरोबर-

देवरी कर छोरी बिआही बरोबर-
बिआही बरोबर रे बिआही बरोबर-
ताहू फूला महू फूला लोर गये-
साते राती सातो दिन बने रही गयन-
नदी कर बालू सीआही बरोबर...

Posted on: Sep 14, 2018. Tags: JAYNTI AAYAM KARMA SAYVATI SHYAMLE SONG VICTIMS REGISTER

कोन भईया लोरले तिररे के बान कोन भईया लोरले तिररे के बान...डोमकच गीत

भगतपारा, ग्राम-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी के साथ में श्यामबती श्यामले एक डोमकच गीत सुना रही हैं :
कोन भईया लोरले तिररे के बान कोन भईया लोरले तिररे के बान-
छोटे भईया लोरे लाल टेघो कि टपकी के बान पहूले-
बड भईया लोरले तिररे के बान ये बड भईया लोरले तिररे के बान-
काहा हवे नधा पेना कहा रे जुआ काहा जगे पाँच बयेला कि छेला रे बकुला होए-
खेते हवे नधा पेना खेते रे जुआ सरिया में पाँच बयेला कि छेला रे बकुला होए-
कोन भईया लोरले तिररे के बान कोन भईया लोरले तिररे के बान...

Posted on: Aug 21, 2018. Tags: CHHATTISGARH SHAYAMBATI SHYAMLE SONG SURAJPUR SURGUJIHA SONG VICTIMS REGISTER

पढ़हे जाबो गा संगी पढ़हे जाबो गा, सुघर-सुघर पाठशाला पढ़हे जाबो ओ...साक्षरता गीत-

ग्राम-विशालपुर, पोस्ट-बिहारपुर, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से फुलेश्वर श्यामले एक साक्षरता गीत सुना रही हैं :
पढ़हे जाबो गा संगी पढ़हे जाबो गा, सुघर-सुघर पाठशाला पढ़हे जाबो ओ-
दीदी ला पढाबो गा भईया ला पढाबो बो, पढहे जाबो गा संगी पढहे जाबो गा-
सुगर-सुगर पाठशाला पढ़हे जाबो ओ-
साईकल मा बैढ लेबो झोला ला टांग लेबो, पैडिल मारत मारत जाबो-
पढ़हे जाबो गा संगी पढ़हे जाबो गा, सुघर-सुघर पाठशाला पढ़हे जाबो ओ...

Posted on: Aug 15, 2018. Tags: CHHATTISGARHI SONG FULESHWAR SHYAMLE SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER

हमारे गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी (गोंडी भाषा में)

ग्राम-तल्लाबेड़ा, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण मंगूराम, लक्ष्मण सिंह और श्यामलाल सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के अंकित पड़वार को बता रहे है कि आज उनके गाँव में लगभग 100 घर है और बहुत वर्ष पहले उस गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा| बताया जाता है कि वहां पर शेर का बहुत आतंक था जो किसी भी जानवर का शिकार करता था और उसका सिर को लाकर यहाँ गाँव में छोड़ता था, गोंडी भाषा में सिर को तल्ला कहा जाता है, इसलिए गाँव का ये नाम दिया गया, यह नाम उनके पूर्वजों ने दिया है पूर्वजों के समय में उस गाँव में लगभग 6-7 घर ही थे, जो आज बढ़कर 100 घर है | अंकित पडवार@9993697650.

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER LAKSHAN SINGH MANGURAM SHYAM LAL

चोला बाट भले हो मोती नाह गिरा गढ़ी रे...सरगुजिया कर्मा गीत-

ग्राम-नवापारा, पंचायत-बड़वार, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से बुधराम और श्यामबिहारी एक कर्मा गीत सुना रहे हैं :
चोला बाट भले हो मोती नाह गिरा गढ़ी रे-
कोन तो बनावे ले कटरी गे गोती न गिरा तही रे-
पुरे नहा का लबारी दगा दे हो गोपी न गिरा गढ़ी रे-
कोन तो बनावे लरकरी कोंबे नार हिरा गढ़ी रे-
कोन तो बनावे बही लोहे के शिकारी हो-
मोती नहर हीरा कही रे...

Posted on: Aug 05, 2018. Tags: BUDHRAM SHYAMBIHARI SARGUJIYA KARMA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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