गोंड आदिवासी समाज और उनके देवी देवता ( गोंडी में सन्देश) -

जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से नरसिंह राव मड़ावी के साथ में आज चाहाकाडी दसरू जी हैं जो गोंडी भाषा में बोल रहे है कि गोंड समाज और उनके देवी देवताओं का निर्माण कैसे हुआ है. चार देव का निर्माण कैसे हुआ है | हमारे इतने बड़े समाज का निर्माण कैसे हुआ है और 5 देव, 6 देव, 7 देव आदि इस तरह से कई रूप में हमारे देव है और कैसे उनका जन्म कैसे हुआ है ये सब आदिवासियों के घट कहलाते है और इसी के अनुसार हमारे रीति-रिवाज और कानून चलते हैं ऐसा इनका कहना है | वे बता रहे कि कुपार लिंगो और जंगो बाई रायतार गोंड समाज के देवी देवता हैं जिनकी वे पूजा करते हैं यह सब व्यवस्था कैसे बनी इसके बारे में जानना चाहिए. नरसिंह राव मड़ावी@9618275718

Posted on: May 30, 2017. Tags: NARSINGH RAO ADILABAD SONG VICTIMS REGISTER

खाड तोडम कंका बघा रे बसर केरा जिया ही बखेरा...कुडुक गीत -

जिला-रोहतास (बिहार) से संतोष ओरांव उनकी कुडुक भाषा में एक गीत सुना रहे हैं :
खाड तोडम कंका बघा रे-
बसर केरा जिया ही बखेरा – हला कन्ने रोत रे कन्ने – मंजा जिया ही बहेरा-
खाड तोडम कंका बघा रे-
बसर केरा जिया ही बखेरा – हला कन्ने रोत रे कन्ने...

Posted on: May 22, 2017. Tags: MANOJ ORAON

नमः इतिहासन मितवा चार चितर भईया रे...कुडुक भाषा में गीत -

ग्राम-मादा, पंचायत-रोहतासगढ़, जिला-रोहतास (बिहार) से मनोज ओरांव उनकी कुडुक भाषा में एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
नमः इतिहासन मितवा चार चितर भईया रे-
नाम एक इंद्र नमोन नमागिर बिना बहुत जरूरी-
नेना भ इनका कथन भईया बदला ले बेरी हिनका स्थान-
नामे गलत जगह चलत भईया रे-
अगरा बेगरा एका कला न होल बुरा समय-
नमः इतिहासन मितवा चार चितर भईया रे...

Posted on: May 20, 2017. Tags: MANOJ URAON SONG VICTIMS REGISTER

बेंचा बेचा बालदान भईया...कुडुक भाषा में गीत -

ग्राम-झींगी, प्रखंड-कुडू, जिला-लोहरदगा (झारखण्ड) से शान्ति उरांव कुडुक भाषा में एक गीत सुना रही है :
बेंचा बेचा बालदान भईया-
नदिया जुरैया लैके बेचा बालदान-
राधे बेचा,बेचा बालदान दादा-
धर-धर वेळ अर धर-धर जावं-
काला कालाची आ भईया
छैला सिंगार सेलन कालची आ-
बेंचा बेचा बालदान भईया...
शान्ति उराव@8002039101 raman

Posted on: May 17, 2017. Tags: SONG Shanti Oraon VICTIMS REGISTER

यदि कोई समाज अपना इतिहास नहीं देखता, जानता, खासकर आदिवासी तो उसका जीवन व्यर्थ है...

ग्राम-भादा ,पंचायत-रोहतास, जिला-रोहतास (बिहार) से मनोज उरांव रोहतासगढ़ किले के इतिहास के बारे में बता रहे है. वे बता रहे हैं कि यह जिला मुग़ल शासन काल के समय में बनाया गया था इस जिले में आदिवासी समाज ने भी शासन किया है जिसकी पहचान है कि यहाँ पर करम पेड़ लगे हुए हैं लेकिन कुछ समय पश्चात् यहाँ से बहुत बड़ा आदिवासी समाज अन्य प्रदेशों के लिए पलायन कर गया. वे कह रहे हैं यहीं नहीं बल्कि छत्तीसगढ़, झारखण्ड आदि प्रदेशों में भी आदिवासी की यही हालत हैं हम सभी आदिवासी समाज तथा लोगों को बताना चाहते हैं कि यहाँ आकर आदिवासियों का इतिहास जरूर देखें यदि कोई पुराना इतिहास नहीं देखता है तो उसका जीवन व्यर्थ है | मनोज@7321824966

Posted on: May 16, 2017. Tags: MANOJ ORAON SONG VICTIMS REGISTER

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