कहवा के पीयर माटी...गीत-

प्रसार केंद्र सामाजिक सांस्कृतिक सोधसंस्थान एवं लोक कला प्रशिक्षण केंद्र से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं-
कहवा के पीयर माटी, अरे कहवा के पीयर माटी-
कहां के कोदार हो-
कहवां के सात सुहागिन माटी कोड़े जात हो-
सीतामडी के पीयर माटी सोन कोदार हो-
सीतामडी के सात सुहागिन माटी कोड़े जात हो...

Posted on: Jan 19, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

खेतवा मा झूमे धान हो...गीत-

मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक फ़सली गीत सुना रहे हैं:
अरे अपना के किसनवा, खेतवा झूमे धान ओ-
दिनमा चमके दिवाकर के जोती-
रतिया मा बरसे आकाशवा से मोती – भोरवा मा सवेरा से किसान हो-
खेतवा मा झूमे धान ओ-
अरे अपन नाचे किसान ओ-
कलकल हरवा से मुखवा पिराये – मीठे – मीठे रसवा से मनवा जुडाये...

Posted on: Jan 18, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SINIL KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

नाबालिक को वाहन न चलाने दे न प्रोत्साहित करें...

सड़क सुरक्षा अभियान के बारे में जानकारी देते हुये मुजफ्सुफरपुर बिहार से सुनील कुमार बता रहे हैं 17 जनवरी 2020 को यह अभियान चलाया जा रहा हैं, बिहार में 536 घटनाओ में 385 नाबालिक वाहन चालको की मौत हुई है, नाबलिको वाहन ना चलाने दे और न प्रोत्साहित करें, नाबालिक के वाहन चलाने पर अभिभावक को दोषी माना जायेगा, और गाड़ी मालिक को 25,000 जुर्वाना और 3 साल की सजा दी जायेगी, साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेसन 12 माह के लिये रद्द कर दिया जायेगा, बच्चे को 25 की उम्र तक चालक लासेंस नहीं मिल सकेगा|

Posted on: Jan 18, 2020. Tags: BIHAR INFORMATION MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

बिहार से बाल विवाह दहेज़ प्रथा को मिटाना है...गीत-

मुज़फ्फापुर (बिहार) से सुनील कुमार नशा मुक्ति, बाल विवाह और दहेज़ प्रथा को मिटाने के लिये 19 जनवरी 2020 को होने जा रहे अभियान में शामिल होने का संदेश देते हुये एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
बिहार से बाल विवाह दहेज़ प्रथा को मिटाना है-
ओ भाई साथ आओ ओ बहन साथ आओ-
मेरे बढे कदम से अपने कदम मिलाओ-
इस पाप की प्रथा को हम सबको भगाना है-
बहनों को बेटियों को इंसाफ दिलाना है...

Posted on: Jan 17, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

शूकर पालन और व्यवसाय...

प्रसार केंद्र, सामाजिक, सांस्कृतिक शोध संस्थान, मुज़फ्फापुर (बिहार) से सुनील कुमार बता रहे हैं, आज जरुरत और अंग को ध्यान में रखते हुये आदि देश के युवा वैज्ञानिक तरीके से शूकर पालन व्यवसाय को अपनाते है तो वे राष्ट्रिय खाद्य व्यवस्था के साथ साथ पोषण सुरक्षा प्राप्त करते हुये, राष्ट्रिय आय में योगदान दे सकते हैं| शूकर पालन कम खर्च और कम जोखिम वाला व्यवसाय है, यह दुसरे पशुओं की तुलना में तेजी से वृद्धी करता है, सभी प्रकार के खाय पचा सकने और पौष्टिक मांस बनाने में सक्षम है, छ: माह में यह 60 किलो तक हो जाता है| यह कम समय में वयस्क हो जाता है, मादा शूकर एक बार में 8 से 12 बच्चे जन्म देती है, एक साल में 2 बार बच्चे देती है, ये खर्च का व्यवसाय है|

Posted on: Jan 17, 2020. Tags: BIHAR INFORMATINO MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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