जाति वाति लेया येलो जाति वाति लेया...गोंडी विवाह गीत
ग्राम पंचायत-उलिया, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बसंती तिमा, सुमित्रा तिमा और सुनीता गोंडी भाषा में एक विवाह गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेला-
जाति वाति लेया येलो जाति वाति लेया – तानार ओना जोड़ी येलो-
हानाल पीसना जोड़ी येलो-
जुम्गा नगर गर्गा मरा-
अदिंग बुदिग लेयिह लेयोर-
दायना बेरा संगने वायने बेरा पंगने
बुमेर मुंडा सगा येलो –
दायना बेरा संगने वायने बेरा पंगने...
Posted on: Sep 10, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MARRIAGE SAPNA WATTI SONG
ओरा पोर पोरा पुंगर...गोंडी हुलकी नृत्य गीत
ग्राम-बेट्यागावं, तहसील-पखांजूर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलाबती वड्डे के साथ कुछ साथी गोंडी हुलकी नृत्य गीत सुना रहे है:
ओरा पोर पोरा पुंगर-
गुडरा पोरों राउड़ रा लेयोरिट-
लेयोर सांडे राऊड तेहट रा लेयोर-
ओरा पोर पोरा पुंगर-
सांडे राऊड तेहट राऊड सांडे तेहट रा लेयोरिट-
एरा पोर ओरा पोर पुंगर रा लेयोरिट...
Posted on: Sep 10, 2018. Tags: CG GONDI HULKI KANKER NEELABATI WADDE PAKHANJUR SONG
चला भईया चला दीदी सीजीनेट में चली वो...सीजीनेट गीत
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल सीजीनेट से सम्बंधित एक गीत सुना रहे हैं :
चला भईया चला दीदी सीजीनेट में चली वो-
उहाँ हमन ला सीखे बरे मिलथे नवा-नवा चीज-
चला भईया चला दीदी सीजीनेट में चली वो-
सुंदर-सुंदर गाना सुने बर मिलथे ओ भईया दीदी-
सीजीनेट में चली भईया सीजीनेट में चली वो-
चला भईया चला दीदी सीजीनेट में चली वो...
Posted on: Sep 10, 2018. Tags: CG CGNET DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मेरे लगाए गये पेड़ का फल मेरे आने वाले पीढ़ी के लोग और पशु-पक्षी खायेंगे...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पडियारी एक कहानी सुना रहे हैं;
एक राजा उसका नाम मानसिंह था वह बडा ही ज्ञानवान धर्मात्मा था, वह प्रतिदिन सभा से लौटने के बाद किसान के वेश में हाथ में कुदाल, फलदार पौधा और पानी के बाल्टी लेकर रोज सड़क के किनारे उन पौधों को लगाता और पौधे में पानी डालने के लिए जड़ के पास मेड भी बनाता था, एक दिन उनके यहाँ एक विदेशी आया, उसे वहां के राजा से मिलना था, पर वह दूसरे दिन मिलना है सोचकर किसी भोजनालय गृह में रुक गया वह शाम के समय अच्छे कपड़े पहन कर घूमने निकल गया, वह उस राजा के पास पहुंचा और बोला बाबा इस उमर में पौधा क्यों लगा रहे हैं, क्या इनका फल आप खा पाएंगे तो उसने जवाब दिया कि अब तक मै दूसरों के द्वारा लगाये गये पौधों के फल को खाते आ रहा हूँ, मेरे लगाए गये पेड़ का फल मेरे आने वाले पीढ़ी के लोग और पशु-पक्षी खायेंगे, विदेशी मन ही मन सोचता हुआ वापस आ गया, दूसरे दिन वह राज दरबार में गया और वह राजा को देखकर आश्चर्य हो गया और बोला मै आपको कही देखा हूँ, राजा ने कहा हाँ देखे होंगे, वह वहां इतना बोलकर चला गया और बाद में बिदेशी को पता चला कि राजा ही थे जो पौधे लगा रहे थे तब वह भी अपने देश में जाकर पौधा लगाने लगा...
Posted on: Sep 10, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
भले मोका आइस हमर गाँव सरगुजा में भले मोका...सरगुजिया गीत
ग्राम-कोट्या, थाना-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक सरगुजिया गीत सुना रहे हैं:
भले मोका आइस हमर गाँव सरगुजा में भले मोका-
माता-पिता के चरण बन्दों आरती ला उतारों-
आरती ला उतारों रामा आरती ला उतारों रामा-
गाँव-गाँव के देवी-देवता पैयां लागों तोर-
भले मोका आइस हमर गाँव सरगुजा में भले मोका...

