स्वास्थ्य स्वर : गैस्टिक रोग का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई , थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल गैस्टिक रोग का घरेलू उपाचार बता रहे हैं ,अजवाइन, सोंठ और नीबू इसको सुबह उठते ही शौच से पहले एक गिलास पानी में आधा नीबू निछोड़ कर और एक चुटकी हरण का चूर्ण मिला कर सेवन करने से गैस की बीमारी से छुटकारा मिल सकता है | अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| पूरी जानकारी प्राप्त कर ही नुस्खा उपयोग करें| संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: HEATH
ये अपना तिरंगा हैं प्राणों से भी प्यारा हैं...देश भक्ति गीत-
नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चन्द्राकर देश भक्ति गीत सुना रहें हैं:
ये अपना तिरंगा हैं-
प्राणों से भी प्यारा हैं-
ये धरती ये अम्बर – ये देश हमारा हैं-
ये अपना तिरंगा हैं...(RM)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: HINDI SONG RAIPUR CG
हमसे मिली हैं पुवते आजाद हिन्द को...कविता-
(उतरप्रदेश) गाजीपुर से सनोज यादव कविता सुना रहें हैं:
हमसे मिली हैं पुवते-
आजाद हिन्द को-
होने नही देंगे हम-
बर्बाद हिन्द को-
तुम मुझे खून दो-
मैं तुम्हे आजादी दूंगा...(RM)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: KAVITA UP
वनांचल स्वर: परंपरागत खेती की आज की खेती से तुलना करते हैं...
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनोज कुमार पटेल परंपरागत खेती की आज की खेती से तुलना करते हैं। मोदे गाँव में पहले परांपरगतढंग से खेती का प्रचलन था। यह इलाका नदी किनारे बसावट वाला है। यहाँ जंगल से आने वाला पानी जमीन में बैठकर जमीन को उपजाऊ बना चूका है। यहाँ खेती करने के लिए किसी प्रकार की खाद की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। मनोज के पूर्वज जमीन से पानी निकालने के लिए लकड़ी का ‘टेढ़ा’ बनाते थे। परन्तु आज खेती करने वाले लोग खाद का इस्तेमाल करते हैं। मनोज के मुताबिक इसका कारण यह हो सकता है कि देशी बीज के इस्तेमाल में कमी आई है। आधुनिकरण के कारण किसान अब कम समय में ज्यादा खेती करना चाहते हैं। सम्पर्क:- 9479070321, 6268684544 (185674) GT
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: CG KANKER MANOJ PATEL VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर : वनों को बचाने में वन समितियों का योगदान...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से प्रेमलाल कोमरा वन सरंक्षण समिति के बारे में बता रहे हैं| वनों में स्थित पेड़ों की कटाई पर नज़र रखते हैं| जो लोग पेड़ों को काटते हैं हम उन लोगों पर जुर्माना लगाते हैं| हमारे गाँव में वृक्षारोपण कर्मचारी आए थे और वृक्षारोपण करके गये थे, हम लोग उन पौधों की देखभाल करते हैं| हमारी समिति का काम जंगल में लगने वाली आग को भी फैलने से रोकना है| इस कार्य में हमारी सबसे बड़ी मदद मोबाइल करता है जिस पर हम सभी जुड़े हैं| आग को रोकने क लिए समिति परम्परांगत तरीकों का इस्तेमाल करती है| समिति वृक्षारोपण भी करती है जिसमे भेलवा, बांस, खम्हार और भी कई तरह् के वृक्ष लगाती है| (RM)
