मुझे वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलती, खाने को कुछ नहीं है, शिकायत करने पर कोई भी सुनते नहीं है...

ग्राम पंचायत-उपरवार, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से आदिवासी वृद्धा मनिया कोल सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश यादव को बता रही है कि उनकी उम्र 63 वर्ष हो गई है लेकिन उनको वृद्धावस्था पेंशन नही मिल रही है जबकि उन्होंने अपना पूरा दस्तावेज समबन्धित अधिकारियों को दिया है और पंचायत कर्मियों को भी कई बार आवेदन दी है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नही हो रही है| इसलिए साथी सीजीनेट के सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि दिए गये सम्बंधित अधिकारि यों के नम्बरों में अधिक बात कर पेंशन दिलवाने में मदद करें: सचिव गुप्ता@9893460966, रोजगार सहायक गोविन्द@9109481198. जगदीश यादव@7697448583.

Posted on: Jul 20, 2018. Tags: MANIYA KOL PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER

हे प्रभु तुम शक्तिशाली को बना दे सृष्टि को...प्रार्थना गीत

आश्रित ग्राम-मस्गा, पंचायत-सोनपुर, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से स्कूल के बच्चे भगवती कोल और सावित्री गावडे एक गीत सुना रहे है:
हे प्रभु तुम शक्तिशाली को बनादे सृष्टि को-
वेद सब गाते तुम्हे हैं कीजिये धन वृष्टि को-
प्रेम से मिलकर सब चलें भोले सदा ज्ञानी बने-
पूर्वजों की भांति हम कर्तव्य की मानी बने-
हो विचार समान्य चित मन सब एक हो-
ज्ञान दो हे प्रभु बराबर हो कृपा हने कहो...

Posted on: Jun 02, 2018. Tags: BHAGWATI KOL SAVITRI GAWDE SONG VICTIMS REGISTER

नीमिया पतइया झरि जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी...विवाह गीत

ग्राम-संतोषी नगर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से कुछ छात्राएं एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, गीत का सन्दर्भ यह है कि घर में नई-नवेली बहू नीम के पत्तों, कचरों से अनुरोध करती है कि जेठजी सामने बैठे हैं कृपया आँगन में मत आओ, मुझे बहारने में दिक्कत होगी:
नीमिया पतइया झरि जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी-
ओहि रे अंगनवां में ससुरजी के डेरा-
घुंघटा कढ़त दिन जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी-
ओहि रे अंगनवां में भसुरजी के डेरा-
घुंघटा कढ़त दिन जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी...

Posted on: May 15, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER

मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे... सरगुजिया विवाह गीत

ग्राम-बलोर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक ग्रामीण महिला सरगुजिया भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, यह गीत विवाह के समय गाया जाता है:
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे-
हथवा लगावल दुलहा अनजान दुलहा अवदा निहामण हे-
धीरे रहु हे बाबू धीरे रहु और गम्भीरे रहु ना-
जब पापा कुशल संकल जन करिहें तब गनिराउर हे-
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन बेटी थरथर कांपल हे...

Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER

आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...गीत

ग्राम पंचायत- चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक छात्र सुनील सिंह एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के-
कुछ कच्चे कुछ पक्के घर एक साल पुरान के-
सड़क बनेगी सुनती हूं इनका नंबर साल है-
चकते आन टीड़े ऊपर कई पेड़ हैं बेर के-
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...

Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSKOLE SONG VICTIMS REGISTER

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