महिला दिवस पर संदेश : विश्व में मानव अधिकार की लड़ाई महिलाओं ने ही शुरू की थी...
भारतीय संस्कृति में महिलाओं को बहुत महत्व दिया गया है, लेकिन वर्तमान में नारी का अपमान हो रहा है, जो समाज में चिंतापूर्ण और विचार मंथन का विषय है, आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं इतिहास के अनुसार मानव अधिकार की लड़ाई महिलाओं ने ही शुरू की थी ग्रीस में लिसिसट्रटा ने क्रांति के दौरान युद्ध समाप्ति की मांग कर आंदोलन की शुरुआत की, फारसी महिलाओं ने इस दिन महिलाओं पर अत्याचार को रोकने के लिए मोर्चा निकाला, 28 फरवरी 1909 अमेरिका में महिला दिवस मनाया गया और 1910 में महिला दिवस की स्थापना हुई, 1911 में आस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी, स्विटजरलैंड में लाखों महिलाओं ने मताधिकार, सरकारी कार्यकारणी में जगह, नौकरी में भेदभाव को खत्म करने अदि मुददों को लेकर रैली निकाली, 1913-14 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रुसी महिलाओं ने फरवरी के अंतिम रविवार को पहली बार शांति स्थापना के लिए महिला दिवस मनाया|
Posted on: Mar 09, 2018. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
अबूझमाड़,छोटे डोंगर, नारायणपुर छत्तीसगढ़ से आदिवासी भाषा, संस्कृति आयोजन से सीधी रिपोर्ट...
छोटेडोंगर, जिला-नारायणपुर (छतीसगढ़) से उत्तम आतला सर्व आदिवासी समाज 84 परगना द्वारा आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में होने वाले गोंडी गीत, संगीत और संस्कृति को प्रस्तुत कर रहे हैं :
रे रे लोयो, रे रे रेला, रे रे लोयो रेरेला-
मावा इंजोर पुनोम रोय बाई ले – मावा इंजोर पुनोम रोय बाई ले-
रुथिंग रुथिंग गुथिंग रोय दादा ले मिकुन इंजोर पुनोम रोय दादा ले मिकुन-
इंजोर पुनोम रोय दादा ले, बसकेंन पुनवाप इतिट रोय दादा ले...
Posted on: Mar 09, 2018. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
गोंडी धार्मिक कोयापुनेम संवैधानिक शिक्षण कार्यशाला, कांकेर से सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत...
ग्राम-ढेकुना, अमोड़ाक्षेत्र, ब्लाक-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम अतला बता रहे हैं, मै तीन दिवसीय कोयापुनेम संवैधानिक जागरूकता कार्यशाला आयोजन में आया हूँ, इस कार्यशाला का आयोजन अमोड़ा क्षेत्र के स्थानीय आदिवासी समाज ने मिलकर किया है, जिसमे दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग और विशेषकर युवक युवतियां आए है, वहां पर मास्टर ट्रेनरो द्वारा गोंडी संस्कृति, संविधान, कानून, भाषा के बारे में जानकारी दे रहे हैं| सांथ ही आदिवासी समाज के शादी व्याह और रीतिरिवाज में अनेक वाद्ययंत्रों का उपयोग किया जाता है, लिंगो के 18 वाद्ययंत्र है उसी में से कुछ वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि सुना रहे हैं| आप भी यहां उसका आनंद ले सकते हैं
Posted on: Mar 07, 2018. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
आदिवासियों की मिनी संसद ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई भी काम नही किया जा सकता है....
पारंपरिक ग्रामसभा को अनुसूचित क्षेत्रो मे विधायिका, न्यायपालिका व कार्यपालिका की शक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 (3) क 244 (1), पांचवी अनुसूची के पैरा 2 व 5 तथा भारत सरकार अधिनियम 1935 के अनुच्छेद 91, 92 से प्राप्त है उच्चतम न्यायलय ने 1997 में कहा है कि अनुसूचित क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार तथा गैर आदिवासी की एक इंच भी भूमि नही है, वहां ग्रामसभा के अनुमति के बिना कोई काम नही किया जा सकता| पेसा कानून लाने का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रो में अलगाव की भावना को कम करना, सार्वजनिक संसाधनों पर नियंत्रण तथा सहभागिता के सांथ आदिवासियो की परंपरागत लोकतांत्रिक रुढि प्रथा व्यवस्था के साथ जल, जंगल, जमीन पर पूर्ण अधिकार तय करना था| उत्तम आतला@9713126564.
Posted on: Mar 06, 2018. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
Today's news from newspapers in Gondi : 5th March 2018 -
नई दिल्ली SSC पेपर लीक: CBI जांच पर अड़े छात्रों का CM केजरीवाल ने किया समर्थन – नईदुनिया – जोहांसबर्ग : दक्षिण अफ्रीका में गोरों से छीनकर मूल निवासियों को मिलेगी उनकी जमीन, कानून पास – नेशनल दस्तक – महाराष्ट्र : पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक बीजेपी सरकार में सबसे ज्यादा उपेक्षित – नवभारत टाइम – नारायणपुर : डबरी निर्माण में लगे मजदूरों को नहीं मिला भुगतान – नईदुनिया

