री-री लो री री लोयो, दादा झेला आझी रोय दादा ले...गोंडी गीत

ग्राम-पाड़ेंगा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानकोबाई, गीता उसेण्डी, नगेबाई जनेबाई और सोनीबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
री-री लोयो री-री लोयो हेला-
दादा झेला आझी रोय दादा ले-
री री लोयो री री लो-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनियां ता पाटा-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनिया ता पाटा-
आदे पाटा ये ओइ हलेन...

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE SONG

वनांचल स्वर: पहले आदिवासी जंगल से सब्जी लाते थे, अब बाज़ार से लाते हैं और बीमार पड़ते हैं...

ग्राम-पाडेनगा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नागेबाई गोंडी भाषा में बता रही हैं,पहले बस्तर के आदिवासी जंगलो से सब्जी ढूढ कर खाते थे|अभी के आदिवासी हर घर में सब्जी ख़त्म होने से सब्जी के लिए बाजारों में जा कर केमिकल सब्जी ख़रीद कर खा रहे हैं इसलिए अभी के लोगों को जल्दी बीमार पकड़ता हैं,और ज्यादा उम्र तक भी नहीं रह पाते. जंगलो में पाए जाने वाले सब्जिया: बांस की बस्ता,चरोटा बाजी,कोल्यारी बाजी, पहले के आदिवासी ये सब खा के अच्छे रहते थे, लेकिन अब सभी लोगों की खान पान में बदलाव आ गया है.बाजार से लाकर खाते है,पहले के लोग गोबर खाद बनाकर खेतो के लिए इस्तेमाल करते थे,और अभी दुकानों में पाए जाने वाले खाद का इस्तेमाल करते है-जिसके कारण लोग बीमार पड़ जाते है...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG FOREST GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE VANANCHAL SWARA

रेला रे रे ला रेला रे रे ला...गोंडी विवाह गीत

ग्राम-पेनकोडो, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सिंको कडियाम और रामको कडियाम शादी के समय दुल्हिन के मंडप में क्या पौधा लगाते हैं उस बारे में एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रेला रे रे ला रेला रे रे ला – दुलिन मंडा ते बातीर मारा रोय-
दुलिन मंडा ते सुपार मारा रोय-
दुलिन हुडाना सुपार किलाना-
दुलान मंडा ते बातिल मारा रोय-
दुलान मंडा ते नारियल मारा रोय-
दुलान हुडाना नारियाल किलना...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER MARRIAGE PAKHANJUR SAPNA WATTI SONG

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