किसी भी उपज को उपयोग करने से पहले और लगाने से पहले पूजा की परंपरा...
ग्राम-आरगट्टा, ब्लॉक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से दुर्गा कडोती आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा के बारे में बता रहे हैं, उनके गाँव में किसी भी फसल को उगाने के बाद उसे खाया नहीं जाता, खाने से पहले उस उपज की पूजा की जाती है अपने देवी देवताओं को चढ़ाते हैं उसके बाद उपयोग में लाया जाता है| अभी वे सेमी पूजा त्यौहार मना रहे हैं, ग्राम वासी जिस तरह खाने से पहले देवी देवताओ को उपज चढाते हैं उसी तरह बीज लगाते समय भी ये प्रकृया की जाती है| इस तरह से आज भी निवासी अपने परंपरा और संस्कृति को बचा कर रखे हैं| दुर्गा कड़ती@7647052775.
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: CG MOHAN YADAV SONG STORY SUKAMA VICTIMS REGISTER
वर्षो पुरानी परंपरा सेमी त्यौहार...
ग्राम-आरगट्टा, ब्लॉक-कोंटा, जिला-सुकमा (छतीसगढ़) से गंगा, दुर्गा कडोती और जितेंद्र कडोती बता रहे हैं उनके गाँव में उनके पूर्वजो के जमाने से सेमी का त्योहरा मनाया जा रहा है, इससे पहले वे सेमी को खाने में उपयोग नहीं करते हैं, त्यौहार में
वे अपने देवी देवता को मुर्गा चढाते हैं पूजा करते हैं उसके बाद सेमी खाने की परंपरा है ये वर्षों से चली आ रही है, साल में एक बार ये त्यौहार मनाया जाता हैं : दुर्गा कडोती@7647052775.
Posted on: Jan 26, 2020. Tags: CG MOHAN YADAV SONG STORY SUKAMA VICTIMS REGISTER
एतना वे नंनाला काया वेनाली काया वईया...गीत-
ग्राम-बुरउड़ा, पंचायत-इंजरम, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से अडमे और रंगो एक रेला गीत सुना रही हैं :
रे रे लायो रेला रेला रेला-
एतना वे नंनाला काया वेनाली काया वईया-
दंगे पोदो यन्ना ला काया वईया ली-
काया वईया नीनी वईया केल्ला काया वईया-
काया वईला नीनी काया वईया....
Posted on: Jan 18, 2020. Tags: CG GONDI MOHAN YADAV SONG SUKAMA
योजना के मदद से पशुपालन और खाद निर्माण...
ग्राम-केरलापाल, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से खिलेंद्र साहू नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना अंतर्गत गाँव में होने वाले काम के बारे में जानकारी दे रहे हैं, योजना अंतर्गत गाँव में गोठान बनाया गया है जिसमे पशुओं को पाला जाता है, साथ ही वर्मी कम्पोस और नाडीप कम्पोस दो प्रकार की खाद बनाई जा रही है, नाडीप कम्पोस बनाने के लिये 12 लोगो की एक समिति बनाई गयी है, इसमे एक महिला समूह भी शामिल है वे नाडेप टैंक में कचरा भरने, खाद बनाने के बाद उसे भुरभुरा कर सुखाने और 50 किलो की बोरी में भरने का काम करती है, वर्मी खाद को 12 रुपये और नाडेप खाद को 7 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है, कृषि विभाग और मनरेगा के तरफ से 12 हजार रुपये खाद बनाने के लिये दिया जाता है, मटेरियल और मजदूरी का खर्च इसमे शामिल है| संपर्क नंबर@8234826635.
Posted on: Jan 17, 2020. Tags: CG MOHAN YADAV SONG STORY SUKAMA VICTIMS REGISTER
गाँव का नाम बुर्रुम से बोरगुडा...
ग्राम-बोरगोडा, पंचायत-गोंगाला, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव गाँव के निवासी सुनील टोप्पो और उनके साथियों से चर्चा कर रहे हैं, वे बता रहे हैं कैसे उनके गाँव का नाम बुर्रुम से बोरगुडा पड़ा| आज से कई साल पहले उनका इलाका घने जंगलो से घिरा था, जिसमे जानवरों, शेर की आवाज सुनाई दे जाती थी, उसी आवाज के कारन उनके गाँव का नाम बुर्रुम रखा गया था जो एक गोंडी नाम है, फिर उसका नाम बदलकर बोरगुडा रखा गया| अब जंगल ख़त्म हो रहे है, काट लिये जा रहे हैं जिससे अब वनों में वन जीव उतने नहीं है कि जानवरों की आवाज सुनी जा सके|
