मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ-
रंग-रंग के चीज मिलथे बड़े-बड़े दुकान-
होटल में मिठाई बेचाथे, बैठाले गोफन-
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ...

Posted on: Aug 18, 2018. Tags: CHHATTISGARHIA MEWALAL DEWANGAN SONG SURGUJA CHHATTISGARH VICTIMS REGISTER

किसीम-किसीम के नवा-नवा धान आगे, ओला खाके गवाबो प्राण...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
किसीन-किसीन के नवा-नवा धान आगे ओला खाके गवाबो प्राण-
सचाई गुरमटिया बाशा भोर कि जमो ला लागिस रोग-
दुबराज भाढा दुबराज लक्ष्मी येमन ला छोड़ीन आज के लोग-
सफरी भाढा सफरी जो फुल ओला हम गहन भूल-
तुलसी फुल तुलसी मंजरी गुरमटिया ओहर कहा चल गिस यार-
बुढा बूढी कूड़ा खीरा साग ओला होगिस मलेरिया बुखार-
किसीन-किसीन के नवा-नवा धान आगे ओला खाके गवाबो प्राण...

Posted on: Aug 18, 2018. Tags: CHHATTISGARHI POEM KANHAIYALAL PADHIYARI RAIGARH CG SONG VICTIMS REGISTER

चल पुटू बिने जाबो गोया किसिम-किसिम के पुटू फुटथे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ कविता सुना रहे हैं :
चल पुटू बिने जाबो गोया किसिम-किसिम के पुटू फुटथे-
खोजी बिनी ले आबो गोया चल पुटू बिने जाबो-
गिरे हवे पानी भीगे हवे टिकरा फुटत हवे पुटू-
खोजी बिनी ले आबो चल पुटू बिने जबों-
गोहिया पुटू चिरकों पुटू सुवा मुंडा पटियारी-
चल पुटू बिने जाबो गोया किसिम-किसिम के पुटू फुटथे...

Posted on: Aug 17, 2018. Tags: CHHATTISGARHI POEM KANHAIYALAL PADIHAYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

भाजी तोड़े ला आबे ओ-मोर गांव के उन्हारी मा...छत्तीसगढ़ी गीत -

थाना-सरकंडा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से अजय साहू एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
भाजी तोड़े ला आबे न मोरे गांव के उन्हारी मा-
ला-ला लल लाल लाल-सपते रबे कुआँ बारी मा-
सफेरे चिउरा बारी मा चिउरा के उन्हारी मा-
मया के गोठ गोठीयल होठ मा होठ मिला लेबो-
सपते रबे कुआँ बारी मा-चिउरा के उन्हारी मा-
भाजी तोड़े ला आबे ओ-मोर गांव के उन्हारी मा...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: AJAY SAHU BILASPUR CHHATTISGARH CHHATTISGARHI SONG SONG VICTIMS REGISTER

घरी-घरी तोर सुरता आवे, भुलाओं नही संगवारी...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-बगडापारा, सरईडोहर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवानंद एक छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत सुना रहे हैं:
घरी-घरी तोर सुरता आवे, भुलाओं नही संगवारी-
देखे बिना मोर जीवरा नई माने कैसे करो संगवारी-
मोर जिवारा ला मोर नयना ला झन तरसाओ गोरी-
अरे आ रे दीवानी मोर संग आजा रे-
माया पिरित के बंधा गेहे बंधना अमर हो गए है निशानी...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: CHHATTISGARHI DEVANAND SONG SURAJPUR CHHATTISGARH VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »