वनांचल स्वर: सभी जातियों के मिलकर रहने से एक गांव बनता है...
ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील- कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से समधार नरेटी (ग्राम पटेल) बताते हैं कि जंगल से उनका अटूट रिश्ता है। उनके समुदाय के तीज त्यौहारों एवं रहन-सहन का जंगल से अलग ही जुड़ाव है। इसी कारण आदिवासी लोग कहते हैं कि जंगल ही हमारा जीवन है। उनके गांव में अनेक जाति के लोग रहते हैं। वह बताते हैं कि सब जाती के लोग मिलकर ही एक गांव है। उनके मुताबिक सभी जातियों के मिलके रहने से ही एक गांव बनता है।
Posted on: Mar 11, 2021. Tags: CG KANKER SAMDHAR NARETI VANANCHAL SWARA
कहानी : बुद्धिमान किसान
सीजीनेट श्रोता नरेंद्र राय एक कहानी सुना रहे हैं, जिसका शीर्षक है “बुद्धिमान किसान”
अपना संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Mar 04, 2021. Tags: MH NARENDRA RAI STORY
स्वास्थ्य स्वर : मुनंगा से दूध आने का घरेलू उपचार-
जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) कृष्णा बंजारे आयुर्वेदिक उपचार बता रहे हैं
दूध न आने का घरेलू उपचार मुनगा का जड़ी को चार अंगुल लेकर उसे तीन भागों में बांट दे। चावल धोने का पानी एक कटोरी लेकर उस जड़ी को पीसकर पानी में मिलाकर पिलाने से दूध आना शुरू हो जाता है। नहीं वस्त्र पहन कर नाहा धोकर ही इसका उपयोग करना चाहिए। मुनंगा का जड़ लेने जाते समय नारियल अगरबत्ती चढ़ाकर लाए।(185223)
Posted on: Feb 19, 2021. Tags: CG HEALTH JANJGIR CHAPA KRISHNA BANJARE
वनांचल स्व: त्योहारो पर वन की भूमिका...
ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) ग्राम पटेल सुन्दर नरेटी बताते हैं कि वो नयी फसल खाने से पहले देवी देवताओं को चावल, दूध और शक्कर से अच्छा पकवान बनाकर चढ़ातें हैं, फिर उसके बाद ही वो खाते हैं। साजा के पेड़ को अपना इष्टदेव मानकर उस पर महुआ चढातें हैं। सभी आदिवासी मिलकर पूजा अर्चना भी करते हैं, उसके बाद सभी आदिवासी उसको खातें हैं। हरियाली पर भेलवा का पत्ता खेत में चढातें हैं माना जाता है कि भेलवा बहुत उपकारी होता है। कहीं कहीं पर भेलवा कि जगह नीम चढ़ाया जाता है। आज से 30-35 वर्ष पहले जंगल से बांस लाकर उसकी गेड़ी बनाकर 2 किलोमीटर दूर तक जाकर खेलते थे। दीपावली पर खेत से ढाल लाकर घर के आंगन में सजाते हैं। वन से पत्ता लाकर उसकी माला बनाकर जानवरो को पहनाते थे।(RM)
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SUNDAR NARETI VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: आदिवासी गाँव कि आधुनिक सोच...
ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) समधर नरेटी कहतें है जल, जंगल हमारा है| त्यौहार, घर बनाने के लिए जरुरतमंद चीज़े जंगल से ही मिलती हैं| हम सभी जंगल से जुड़े हुए लोग हैं, जंगल से ही जीवन हैं| हमारे यहाँ 12 जातियां एक साथ रहती हैं, इसी से गाँव का निर्माण होता हैं| गाँव में हम सबको लेकर ही चलते हैं| जात पात कुछ नही होता है| सभी जातियों के लोग एक साथ रहेंगे, एक दुसरे की मदद करेंगे तभी गाँव सही से चल पाएगा|(RM)
