नोएडा : काम बंद है साथ में छोटे-छोटे बच्चे है, खाने की समस्या हो रही है, कृपया मदद करें...

रजनी बजिदपुर सेक्टर 135 बिहारी मार्किट में रहते है, लॉकडाउन के कारण काम बंद है राशन की बहुत दिक्कत हो रही है, किराये के मकान में रहते है, मकान मालिक भी किराये के लिए परेशान करते है | लॉकडाउन के चलते घर भी नहीं जा पा रहे है, छोटे-छोटे बच्चे है, खाने की बहुत समस्या हो रही है| इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि सम्बंधित नम्बरों में बात करके राशन दिलवाने में मदद करें : संपर्क नम्बर@9821398454. (169471) DW

Posted on: Jun 08, 2020. Tags: CORONA PROBLEM NOIDA UP RAJNI SONG VICTIMS REGISTER

अग्गा रे बोगढा चूड़ी रोय नुनी...गोंडी गीत

ग्राम-आमाखाडा, पंचायत-केलेप्रस, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुभाय, फूलबती और रजनीबाई एक गोंडी गीत सुना रहे है
री री लो री लो री री लो री लो री लोय-
अग्गा रे बोगढा चूड़ी रोय नुनी-
अग्गा रे बोगढा चूड़ी रोय-
सेयु रे संवार साटुम रोय नुनी-
सेयु रे संवार साटुम रोय-
नुनी सेयु रे संवार साटुम रोय....

Posted on: Sep 10, 2018. Tags: CHHATTISGARH FULBATI GONDI KANKER RAJNI BAI SONG SUBHAAY

कोदो कुटकी के भात खाले, बीमारी भगा ले...स्वास्थ्य गीत

ग्राम-पोड़ी, विकासखंड-पुष्पराजगढ़, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से रजनी मार्को स्वास्थ्य से सम्बंधित एक गीत सुना रही है:
कोदो कुटकी के भात खाले बीमारी भगा ले-
यह जिंदगी हवे सुन्दर छाया है रे हाय-
कोदो कुटकी के भात खाले चकोड़ा की भाजी-
सब दूर होवे रहे मन में राशि-
मधु मोह-मोह-मोह सपा होवे न रोगी...

Posted on: Mar 12, 2017. Tags: RAJNI MARKO SONG VICTIMS REGISTER

हल चला के खेतों को मैंने ही सजाया है...मजदूर गीत

रायपुर, छत्तीसगढ़ से मितानिन साथी रजनी एक मजदूर गीत गा रही हैं:
हल चलाके खेतों को मैंने ही सजाया है-
गेंहू-सावां-मक्का के दानों को उगाया है-
चूल्हा भी बनाया है, धान भी पकाया है-
रहूँ क्यों भूखे पेट मैं कि मेरे लिए काम नहीं-
मिट्टी की खुदाई की भट्टी को जलाया है-
ईंटों को पकाया है, बंगला बनाया है-
संसद का हर एक खंभा मैंने ही उठाया है-
सोऊँ क्यों फुटपाथ पे कि मेरे लिए काम नहीं-
धागे को बनाया है, मिलों को चलाया है-
साना-बाना जोड के कपड़ा बनाया है-
सपनों के रंगों से उनको सजाया है-
मुझे क्यों कफन नहीं कि मेरे लिए काम नहीं-
रेल को बनाया है, मैंने सड़कों को बिछाया है-
हवा में उड़ाया है, चंदा से मिलाया है-
नाव को बनाया मैंने, पानी पे चलाया है-
मेरी ना जिंदगी चले कि मेरे लिए काम नहीं-
शाहजहाँ के ताज को मैंने ही बनाया है-
मंदिरों को मस्जिदों को मैंने ही सजाया है-
बांसुरी-सितार को मादर को बजाया है-
कहाँ संगीत मेरे कि मेरे लिए काम नहीं...

Posted on: Sep 05, 2015. Tags: Rajni SONG VICTIMS REGISTER

क्यों बरसों से खाली पड़े हैं, क्यों आज भी काम नहीं...संघर्ष गीत

ग्राम-चंदनवेली, पंचायत-गेंदा, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरोली, महाराष्ट्र से रजनी, ललिता, शालू, रेशिका व शंकर एक जागरूकता गीत गा रहे हैं:
मेरे हाथों को ये जानने का हक है-
क्यों बरसों से खाली पड़े हैं, क्यों आज भी काम नहीं-
मेरे पैरों को ये जानने का हक है-
क्यों गाँव-गाँव चलना पड़े हैं, क्यों बस का निशान नहीं-
मेरे सपनों को जानने का हक है-
क्यों सदियों से टूट रहा है, इन्हें सजने का नाम नहीं-
मेरे भूखों को ये जानने का हक है-
क्यों गोदामों में सड़ते हैं दानें, मुझे मुट्ठी भर धान नहीं-
मेरे खेतों को ये जानने का हक है-
क्यों मांद भरे हैं बड़े-बड़े, क्यों फसलो में जान नहीं-
मेरे नदियों को जानने का हक है-
क्यों जहर मिलाए हैं कारखाने, क्यों नदियों को जान नहीं...

Posted on: Sep 02, 2015. Tags: Rajni Lalita SONG VICTIMS REGISTER

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