हाथी करे उत्पात, हाथी करे उत्पात...हाथी अत्याचार पर गीत
ग्राम -देवरी,जिला-सूरजपुर,(छ.ग.) से कैलाश सिंह पोया हाथी कैसे अत्याचार कर रहे हैं उसको लेकर गीत सुना रहे हैं :
हाथी करे उत्पात,हाथी करे उत्पात-
घर दुरा सबो ला धसकाए रे हाथी करे परेशान – घर दुरा धसकावे हाथी अन्न धान खावे-
जीव बचावत हमके फुतकी प्राण-
हाथी करे हलकान – जंगली हाथी करे परेशान हाथी करे हलकान-
चार मुजा देखे-देखे महल मुजा – आधा मुजा देथे आधा खाथे कर्मचारी-
हाथी करे उत्पात, हाथी करे उत्पात...
