जो कानों में मधुरस घोले वे गीत सुनाते चले चलो...प्रेरक गीत
किलकारी बालकेंद्र, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से रवि वर्मा एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जो कानों में मधुरस घोले वे गीत सुनाते चले चलो-
नफरत की दीवार तोड़कर कदम बढ़ाते चले चलो-
भेदभाव के बंधन तोड़ो बुरी बात से मुखड़ा मोड़ो-
ये पीड़ा सबकी पीड़ा हरते जाओ मन से मन का नाता जोड़ो-
रूठों को भी गले लगाकर उनको अपनाते चले चलो-
नफरत की दीवार तोड़कर कदम बढ़ाते चले चलो-
पूरे मन से करो पढ़ाई इसमें ही है खूब भलाई-
बिता समय न मुड़कर आता लाभ उठाने में चतुराई-
मेहनत का फल मीठा होता मेहनत करते चले चलो-
नफरत की दीवार तोड़कर कदम बढ़ाते चले चलो...
