हम मेहनतकश के बच्चे हैं, मेहनत करके खाएंगे...एक मज़दूर गीत
हम मेहनतकश के बच्चे हैं, मेहनत करके खाएंगे
लूटने वाले को, हम जड से मिटाएँगे
सुई से जहाज़ तक, मज़दूर बनाता है
फिर भी लुटेरे लोग, मज़दूर को मारता है
उद्योगों के नाम से इंसान उजडता है
शहर सौन्दर्यीकरण के नाम से मज़दूर उजडता है
ऐसे लोगों को हम जड से मिटाएंगे
सत्ता में बैठे लोग, साम्राज्यवादी दलाल है
जनता को लुटाने को बहुराष्ट्रीय कंपनी को लाए है
