हम जवान आजाद वतन के, आंधी से टकराएंगे...प्रेरणा गीत
नरेश बुनकर, छत्तीसगढ़ से एक प्रेरक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
हम जवान आजाद वतन के, आंधी से टकराएंगे-
बंजर धरती के आंगन में, कोमल फूल खिलाएंगे-
रब को ही सबकुछ जानेंगे, मानव को मानव मानेंगे-
मानव सेवा का ब्रत लेकर, वही करेंगे जो ठानेंगे-
हर अंधियारे कोने में हम, जग-मग दीप जलाएंगे-
बंजर धरती के आंगन में...
सच की जय-जयकार करेंगे, हर प्राणी से प्यार करेंगे-
कैसा भी संकट आ जाए, उससे हर्गिज नहीं डरेंगे-
डटें रहेंगे तूफानों से, राहें नई बनाएंगे-
हम जवान आजाद वतन के...
एटम-बम बनाने वालों, धरती को सुलगाने वालों-
सफल नहीं तुम हो पाओगे-
शांति-ज्योति हाथों में लेकर, राहें नई बनाएंगे-
हम जवान आजाद वतन के...
