आया रड़े तारी, बापू रड़े तारो...गुजरात से आदिवासी विवाह गीत
गोकरन सिंह वर्मा ग्राम- गुजरिया, तहसील- कवाठ, जिला- छोटा उदयपुर, गुजरात से साथी कुंवर सिंह से एक गुजराती गीत रिकॉर्ड करा रहे हैं. यह गीत, शादी में बेटी की विदाई के समय गाया जाता है:
आया रड़े तारी, बापू रड़े तारो
आया-बाबा क रड़ता छोड़े
चली ओ बहना तू परका घर मा
काका रड़ तारा, काकी रड़े तारी
काका-काकी को रड़ता छोड़े
चली ओ बहना तू परका घर मा
भाई रड़े तारो, बहना रड़े तारी
बहना- भाई को रड़ता छोड़े
चली रे बहना तू परका घर मा
मामा रड़े तारो, मामी रड़े तारी
मामा-मामी को रड़ता छोड़े
चली रे बहना तू परका घर मा
मामा-मामी को रड़ता छोड़
चली रे बहना तू परका घर मा

