फागण थो राम जो आयो, आयो रे आयो...गुजरात से आदिवासी गीत
गुजरात के छोटा उदयपुर जिले के गुजारिया गांव से एकलव्य मॉडल स्कूल के आदिवासी बच्चे एक गीत गा रहे हैं. यह गीत आदिवासी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों एवं त्योहारों में गाया जाता है:
सा रे म प नि सा
सा नी प म रे सा
नी नी म प नि नी म प
रे निसा
सा रे सा नी प प
सारे सानी पप
रे पम रे सा
हो ओ ओ ओ ओ... ओ
आ आ आ आ आ आ आ...आ
फागण थो राम जो आयो, आयो रे आयो
फागण थो राम जो आयो...
फागण थो राम जो आयो, आयो रे आयो
फागण थो राम जो आयो
ला ला ला ला
ना मा पेला केसुलाना
सरवार पर पतरायो
त्रुतु मन रज पेलो
फागण बनिऐं, अलबेलो लहरायो, आयो
फागण थो राम जो आयो, आयो रे आयो
फागण थो राम जो आयो...
झारे कोरे घुमताने, लय लय पीछे पड़े
ओढ़िलो गुलाल रचायो
तारा रारा रम फूटे
लाल केलो लाय लुटे
उर मां उमंग समायो, आयो
फागण थो राम जो आयो, आयो रे आयो
फागण थो राम जो आयो, आयो...
