जर जाबे जबलपुर बजार, हमारी बिंदिया हेरा गई सोने की...
गोकरण सिंह वर्मा मवई, जिला- मंडला, मध्य प्रदेश से आनंद कुमार चौराशिया से लोकधुन पर आधारित एक गीत रिकॉर्ड करा रहे है। गीत का सन्दर्भ है कि- एक महिला का सामान खो गया है और अपने खोए हुए सामान की तलाश में वह इधर -उधर भटक रही है, थाने में रिपोर्ट लिखवा रही है...
जर जाबे जबलपुर बजार, हमारी बिंदिया हेरा गई सोने की
गलियन-गलियन मैंने ढूंढी
कोई नइहा, अरे हाँ
कोई नइहा, बता बन हार
हमारी बिंदिया हेरा गई सोने की
जर जाबे जबलपुर बजार...
थानें में मैंने, रिपोर्ट लिखाई
वो तो मांगे, अरे हाँ
वो तो मांगे
रुपइया हजार
हमारी बिंदिया हेरा गई सोने की
जर जाबे जबलपुर बजार...
ससुरा पूछे, जेठा पूछे
देवरानी, अरे हाँ
देवरानी , सुना गई चार
हमारी बिंदिया हेरा गई, सोने की
जर जाबे जबलपुर बाजार...

