जुल्म रोक दो न्याय चाहिए, आज हमारा नारा है...
शोषण मुक्त करो जनता को...सीजीनेट पुकारा है
जुल्म रोक दो न्याय चाहिए, आज हमारा नारा है
खून-पसीना बहता निशदिन, फिर भी मानव भूखा है
शोषण के रिम-झिम पानी में, मेरा सावन सूखा है
गाँव-गली के निर्धन भूखे...
गाँव-गली के निर्धन भूखे, कोई नहीं सहारा है
जुल्म रोक दो न्याय चाहिए...
आओ मिलकर संग बनाएं, ताकत नयी जगानी है
यह तस्वीर बदलनी होगी, देकर के कुर्बानी है
देने आए नेट के द्वारे, जो अधिकार हमारा है
जुल्म रोक दो न्याय चाहिए...
गांधीजी का सुन्दर सपना, एकता का सन्देश है
हर गाँव में भारत रहता, प्यारा मेरा देश है
भूखा नहीं रहेगा कोई...
भूखा नहीं रहेगा कोई, यह संकल्प हमारा है
जुल्म रोक दो न्याय चाहिए...
आज हमारा नारा है, आज हमारा नारा है
