पानी है जिन्दगी के अधार मोरे भइया...
हइया रे...हइया, हइया रे ....हइया, हइया ..हइया रे
पानी है जिन्दगी के अधार मोरे भइया
पानी है जिन्दगी के अधार .....
पानी बिन गाँव-शहर, पानी बिन चारों डहर
पानी बिन सूना, सन्सार मोरे भइया
पानी है जिन्दगी के अधार
हइया रे ..हइया, हइया रे ....
पानी ले बिजली-मोटर, चले कारखाना
पानी बिन जिन्दगी के, नहीं गे ठिकाना
पानी ले जीव-जंतु, पानी ले रुख-राई
पानी बिन सूना सन्सार मोरे भइया
पानी है जिन्दगी के अधार
हइया रे...हइया, हइया रे ....
पानी ले खेत-खार, उपजे अन्न के दाना
पानी बिन जिन्दगी के, नहीं गा ठिकाना
पानी ले नदिया है, पानी ले सागर
पानी है जिन्दगी के अधार मोरे भइया
हइया रे ..हइया, हइया रे ....
