बढ़ो साथियों आगे निश्चय किया, डरेंगे नहीं बीड़ा उठा ही लिया...
बढ़ो साथियों आगे निश्चय किया
डरेंगे नहीं बीड़ा उठा ही लिया
बढ़ो साथियों...
बता दो कि क्या योजना है तुम्हारी
सुनो एकता की है आवाज़ भारी
जो हक़ था इधर का उधर कर दिया
बढ़ो साथियों...
ये इतिहास है ज़ुल्म जब-जब बढे हैं
हुई जीत जब लोग मिलके लड़े हैं
बता लाठी-गोली ने क्या कर लिया
बढ़ो साथियों...
रुकेंगे नहीं अब, झुकेंगे नहीं सब
दबाया बहुत दिन, दबेंगे नहीं अब
ये चिंगारियां तूने, जला ही दिया
बढ़ो साथियों आगे, निश्चय किया
बढ़ो साथियों ...
