आओ मिलकर करे प्रतिज्ञा भारत के सम्मान की...
आओ मिलकर करे प्रतिज्ञा भारत के सम्मान की
फिर से वैभव हो दुनिया में जय हो हिन्दुस्तान की
हम भारत के भारत अपना भारत की संताने हम
इस पर सब कुछ अर्पण कर दे अपना जीवन तन मन धन
नहीं है इससे ज्यादा कीमत अब संसार की
फिर से वैभव हो दुनिया में जय हो हिन्दुस्तान की
एक बार क्या बार बार हम अपना जीवन डारे है
भारत माँ की बलि होगी पर अपना शीश उतारे है
छोड़ के सबकुछ आज लगा दे बाजी अपने प्राण की
फिर से वैभव हो दुनिया में जय हो हिन्दुस्तान की
निर्माणों के दौर में हम अपना मोल न भूले
जीवन में निस्वार्थ रहे है हम असमंजस में न झूले हम
आज नहीं अब करनी प्रकिया निर्माण की
फिर से वैभव हो दुनिया में जय हो हिन्दुस्तान की
एक मंत्र का जाप करे हम संत संगती कर्मयुगी
मिलकर बोले एक साथ भारत की जय
आँख मूंदकर नहीं सहेंगे हालत अब अपमान की
फिर से वैभव हो दुनिया में जय हो हिन्दुस्तान की
आओ मिलकर करे प्रतिज्ञा भारत के सम्मान की
फिर से वैभव हो दुनिया में जय हो हिन्दुस्तान की
