सतयुग में समुद्र मंथन, कलयुग में ग्रीनहंट
सतजुग में सोना चांदी हीरा मोती लूटने समुद्र मंथन हुआ था
देवताओं और दानवों में युद्ध हुआ था
कल युग में सोना चांदी हीरा मोती लूटने ग्रीन हंट होता है
सात राज्यों में आदिवासी, किसानों और पुलिस में युद्ध होता है
लोहा, कोयला, हीरा लूटने सलवा जुडुम चलाते हैं
एस पी ओ बनाते हैं
बंदूक से बचने जो बंदूक उठाते हैं
पूंजीपति उसे नक्सली करार देते हैं
आदिवासी मरते हैं खुशी मनाते हैं
पुलिस मरते हैं तो घडियाल आंसू बहाते हैं
आदिवासी मरे या पुलिस मरे
मरने वाले गरीब भारतवासी होते हैं
अंग्रेज़ द्वारा 1919 के रोलेट एक्ट की भांति
विशेष जन सुरक्षा कानून 2005 लाएं हैं
डॉ बिनायक सेन समेत हज़ारों देवताओं को जेल में ठुसवाएं हैं
क्या भारतवासी भारतवासी के हाथों गुलाम हो गए हैं?
मंत्री जी बताएं
क्या मेहनतकश को मारने, लुटेरों को बचाने आपको कुर्सी में बैठाएं हैं
पूंजीपति गर नीरो, अंग्रेज़ और चंगेज़ होंगे
तो उनका भी नाश निश्चित होगा
आज नहीं तो कल होगा
