हर जोते खोरवा खुखुर बोवे धान रे...झारखंड से खोरठा गीत
हर जोते खोरवा खुखुर बोवे धान रे
बोनेक बानर ढेका फोरे लेढ्वे कि शान रे
बोनेक बानर ढेका फोरे लेढ्वे कि शान रे
बाघे खोजे रोपनी, होवे सो विहान रे
हाथी दादा कादो करे खाए जलपान रे-२
देहिन मारे मुर्गी तो करे भेदिहार रे
गदहा काका पानी भिचे हार पार रे
चिड़ी मुझे माडा देहे निपड खरिहान रे
भालू मामा धान बुके लिंगुद कुटे धान रे
सभीन मिली काज करले हक् एक रे
सभे लोके एक करी जोडुआ कि रित रे
हर जोते खोरवा खुखुर बोवे धान रे
बोनेक बानर ढेका फोरे लेढ्वे कि शान रे....
