स्वतंत्रता दिवस तो साहब लोगों के लिए है, यह बड़े लोगों का काम है...
उत्तरप्रदेश के कानपुर से के एम भाई स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक गांव से आए शहरी गरीब व्यक्ति किसन व्यास से बात कर रहे है. किसन ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पढ़े लिखे लोगो के लिए है. उन्हें तब स्वतन्त्रता दिवस के बारे में पता चला जब उन्होंने स्कूल के बच्चों की रैली देखी. उनकी स्वतन्त्रता दिवस को भी छुट्टी नहीं होती और उनके लिए इस दिन का कोई अर्थ नहीं है | लोकतंत्र क्या होता है यह भी उन्हें नहीं पता. साथ ही यह भी बतया कि उनके गांव में किसी प्रकार का विकास नहीं हुआ है. तो स्वतन्त्रता किस बात की. अधिक जानकारी के लिए के एम भाई से 8756011826 पर संपर्क कर सकते हैं
