तू बोलेगी मुँह खोलेगी तभी तो यह जमाना बदलेगा...एक गीत
दरिया की कसम मोजो की कसम
यह ताना बाना बदलेगा यह ताना बाना बदलेगा...........
दरिया की कसम मोजो की कसम
यह ताना बाना बदलेगा यह ताना बाना बदलेगा ...............
तू खुद को बदल तू खुद को बदल तभी तो जमाना बदलेगा
दरिया की कसम मोजो की कसम
यह ताना बाना बदलेगा यह ताना बाना बदलेगा...........
तू चुप रहकर जो सोती रही तो क्या यह जमाना बदलेगा
तू बोलेगी मुँह खोलेगी तभी तो यह जमाना बदलेगा
तू खुद को बदल तू खुद को बदल तभी तो यह जमाना बदलेगा
दस्तूर पुराने सदियों के ये कैसे आये कहाँ से आये
कुछ तो सोच कुछ तो समझो यह दर्द तुम्हारा कैसा है
क्या यह मजहब का हिस्सा है यह सब मर्दों का किस्सा है
आवाज उठा कदमो को मिला साथी जरा आंगे बढा तभी तो जमाना बदलेगा
दरिया की कसम मोजो की कसम
यह ताना बाना बदलेगा यह ताना बाना बदलेगा...
दरिया की कसम मोजो की कसम
यह ताना बाना बदलेगा यह ताना बाना बदलेगा...
तू खुद को बदल तू खुद को बदल तभी तो यह जमाना बदलेगा ...........
