जिन्होंने अपने देश की खातिर जान गवांई रे...
जिन्होंने अपने देश की खातिर जान गवांई रे .....
उन बीरों की प्रेरणा में अपनी जान गवांई रे ....
वो झासी की रानी वो अमर कहानी सुनो भईया ....२
सीमा पे डटी थी वो कश के लड़ी थी , सुनो भईया !
बीच समय में गाड के झंडा खूब लड़ी थी वो !!
जिन्होंने अपने देश की खातिर जन गवां गई रे .....
वो झासी की रानी वो अमर कहानी सुनो भईया ....२
जिन्होंने अपने देश की खातिर जन गवां गई रे .....
काट के सर दुश्मन के छक्के छुड़ा गई रे ...
जिन्होंने अपने देश की खातिर जन गवां गई रे .....
वो झासी की रानी वो अमर कहानी सुनो भईया ....२
