सबसे बुरा है न्याय की आस करना,कचहरी का चक्कर लगाना बुरा नहीं है,कविता...
KM भाई कानपुर से कविता सुना रहे हैं:-
सबसे बुरा है न्याय की आस करना कचहरी का चक्कर लगाना बुरा नहीं है
तारीख पे तारीख मिलना बुरा नहीं है सबसे बुरा है बेईमानों से न्याय का आस करना काला कोट पहनना बुरा नहीं है पेशकारों को 10 में बिक जाना बुरा नहीं है
सबसे बुरा है कोठे के दलालों से न्याय का आस करना
सबसे बुरा है कोठे के दलालों से न्याय का आस करना
कोर्ट के फीस से घर का बिक जाना बुरा नहीं है
कोर्ट के फीस से घर का बिक जाना बुरा नहीं है
टेबल के नीचे से जज का बिक जाना बुरा नहीं है
सबसे बुरा है अंधे कानून से न्याय की आस करना...
