सागर दिवस...
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व सागर दिवस के बारे में बता रहे है:
सागर को समुद्र कहा जाता है अरावास नेर निधि रत्नाकार जो की सारी नदी इसमें समाती है तो इसे नदीस भी कहा जाता है समुद्र बहुमूल्य है संसार के लिये क्यूंकि नमक है तो संसार है और समुद्र है तो संसार क्यूंकि समुद्र में जो खारा पानी होता है वही नमक को जन्म देता हैऔर समुद्र मौसम को भी निर्धारित करता है समुद्र में तरह तरह के जीव जन्तु होते है मोती भी तो समुद्र में होते हैं | (AR)
