पीड़ितों का रजिस्टर : पहले शेर लोगों को खा जाते थे, अब उनकी जगह नक्सलियों ने ले ली है...
पगड़ू, ग्राम कुतुल तहसील ओरछा जिला नारायणपुर, कहते हैं उन्हें नक्सलियों ने 2-3 साल पहले मार पीट कर गाँव से भगाया, तब से वे नारायणपुर मे रह कर बनी मजदूरी करके गुजारा कर रहे हैं। वे बताते हैं कि माओवादिओं ने पुलिस को चावल, मुर्गी देने का आरोप लगा कर उन्हें व उनके चार साथियों को बांध कर पीटा और उनमें से एक की हत्या कर दी। फिर उन्हें धमका कर गाँव से भगा दिया। नक्सलियों के आने के पहले उनके गाँव मे शेर का आतंक था। उनके परिवार के 5 सदस्यों की मौत शेर के कारण हुई। शेरों का खतरा कम होने पर नक्सलियों का खतरा बढ़ गया है। वे कहते हैं उनके गाँव में पहले 50-60 परिवार थे, जिसमें से लगभग आधे परिवारों को नक्सलियों ने गाँव छोड़ कर भागने को मजबूर कर दिया। आस पास के ग्राम गट्टाकाल, कोडलियर, आलवडा, कोड़नाओ, परपा, इत्यादि में नक्सलियों द्वारा कई आम लोगों की हत्या की गई। उनका कहना है अगर माओवादियों को यह भनक लगती है कि किसी ने उनके मापदंडों से ज्यादा पैसा या अनाज संग्रह कर रखा है, तो पुलिस से मिले हुए होने के शक में उनसे लूट पाट, मार पीट और हत्या भी करते हैं। वे कहते हैं उनका एफआईआर दर्ज हुआ लेकिन पुलिस ने कोई कागज नहीं दिया। सरकार से नया कोई जमीन मिली ना सहयोग राशि। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@ 9430313721.
