बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ...गीत-

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व बुध पूर्णिमा के अवसर पर संदेस देते हुये एक गीत सुना रहे हैं:
बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ-
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ-
एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में-
कोई खेले भीड़ में कोई अकेले में-
मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ... (AR)

Posted on: May 26, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV