पीड़ितों का रजिस्टर : अपने बेटों को नक्सलियों के साथ भेजने से मना करने पर मुखबीर बता कर मारा, डर से 13
रामसिंघ यादव, ग्राम मुरनार ब्लॉक कोयलीबेड़ा जिला नारायणपुर, बताते हैं कि उन्हें अपने परिवार के साथ 2008 में अपनी जान बचा कर घर छोड़ के भागना पड़ा था। वे कहते हैं उनके 2 बेटे हैं, जिन्हें नक्सली ज़बरदस्ती अपने साथ ले कर जाते थे। एक दिन उन्होंने अपने बेटों की जान की चिंता में उन्हें नक्सलियों के साथ भेजने से मना कर दिया। इस पर नक्सलियों ने एक मीटिंग बुला के उनपे कोयलीबेड़ा जा कर मुखबिरी करने का आरोप लगाया। उन्हें पीटा और धमकी दी कि अगर अपने परिवार के साथ घर छोड़ के नहीं भागे तो जान से मार दिए जाएंगे। इसके बाद एक बार फिर जंगल के काफी अंदर मीटिंग रखी गई और उन्हें बुलाया गया। वे बताते हैं कि उन्हे संदेह हुआ कि ये उन्हें मारने कि साज़िश है, इस कारण से वे अपने परिवार के साथ घर छोड़ कर शांतिनगर आ गए। वे कहते हैं कि उनके गाँव में उनकी 5 एकड़ पट्टे वाली जमीन के साथ 26 गायें, 19 भैंसें व बकरियाँ भी थीं। लेकिन वे वह सब कुछ छोड़, शांतिनगर में भूमिहीन रूप से मजदूरी कर के गुजारा करने को मजबूर हैं। वे कहते हैं उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है व सरकार से रु. 15,000 सहायता राशि मिली है, किन्तु पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिल है। फो. नं. 9407629521
