मेरा सीधा सवाल
मेरा सरकार से सीधा सवाल
क्यों जनता समस्याओं से है बेहाल
वोट देकर हमें हर बार क्यों करना पडता है मलाल
जीत कर नेता क्यों बदल देते हैं अपनी चाल ढाल और खयाल
चुनाव तक ही क्यों सीमित है विकास की ताल
प्रशासन से सीधा सवाल
कि क्यों गलती तुम्हारे भ्रष्टाचार में सच्ची दाल
अपराध आज़ाद है भरकर तुम्हारी जेबों में माल
तुम्हारे ही महकमों में क्यों पडा है ईमान का अकाल
जनहित योजनाएं तुम तक ही क्यों हो जाती हैं कंगाल
देशवासियों से सीधा सवाल
कि क्यों इस जुर्म में चुप रहकर हो बदहाल
इस राजनीति की चक्की में पिसकर क्यों हो रहे हो हलाल
भारत मां रो रो कर कह रही
कि इस रावण राज में जागो मेरे लाल
लो अपना हक अपने दम पर करके सीधा सवाल
