हम तेरे शहर में आयें हैं,मुसाफिर की तरह...गजल-

शीर्षा (हरियाणा) से प्रिंश एक गजल सुना रहे हैं:
हम तेरे शहर में आयें हैं,मुसाफिर की तरह-
सिर्फ इक बार मुलाकात का मौका देदे-
मेरी मंजिल है कहाँ,मेरा ठिकाना है कहाँ-
सुबह तक तुझसे बिछड़ कर, मुझे जाना है कहाँ-
सोचने के लिये इक रात का मौका देदे-
हम तेरे शहर में आयें हैं,मुसाफिर की तरह...(AR)

Posted on: Feb 07, 2021. Tags: SONG VICTIMS REGISTER