दोस्तों कभी भी कोई कम भी करना सोंच समझ के करना दोस्तों...कहानी-
जिला-गया (बिहार) से धंजित कुमार कहानी सुना रहे है:
एक राजा था उनका तीन बेटे थे तीनो बेटे बहुत पड़े लिखे थे और एक बेटा था वो पड़ा लिखा नहीं था |वो तीनो जंगल घुमने जा रहे थे| चौंथा बेटा ने बोला मै भी जाऊंगा ,उन लोगो ने बोला अरे तू क्या करने जायगा वह ,उसने बोला नहीं लेकिन मै फिर भी जायगा |सब लोगो ने बोला फिर चल यार जाने के लिए तो बोला रहा है |वो चारो जंगल की ओर गए |जंगल में एक शेर का कंकाल मिला बस एक बेटा ने बोला देखो मै अपनी दिव्य शक्ति से इस कंकाल को जोड़ देता हूँ उसने शक्ति चलाये वो जुड़ गया |दूसरा बेटा भी बोला जब तुम ये कर सकते हो तो हम भी इसका मांस लगा सकते है वो भी शक्ति से मांस लगा दिया |वो चौंथा बेटा नहीं ये नहीं ना करो फिर ये जिन्दा हो जायगा तो हमें खा जायगा |पर तीसरा बेटा ने बोला अरे जब तुम लोग या सब कर दिया हम कुछ कर सकते है |उसने बोला मै इस शेर को जान डालता हूँ |चोंथा बेटा ने बोला पेड़ पर चढ़ जाता हूँ जो करना है वो करना |तीसरे बेटे ने अपनी शक्ति से उसमे जान डाल दिया ,शेर जिन्दा हो कर वो तीनो को खा गया| इसलिए दोस्तों कभी भी कोई कम भी करना सोंच समझ के करना दोस्तों...(183443) MS
