छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी...भजन गंगा-
ग्राम-सुरनार, ब्लाक-कटेकल्याण, जिला-दंदेवाडा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मंडावी एक भजन गंगा सुना रहें है:
छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी-
नए दौर में लिखेंगे, मिल कर नई कहानी-
हम हिन्दुस्तानी, हम हिन्दुस्तानी-
आज पुरानी ज़ंजीरों को तोड़ चुके हैं-
क्या देखें उस मंज़िल को जो छोड़ चुके हैं-
चांद के दर पर जा पहुंचा है आज ज़माना-
नए जगत से हम भी नाता जोड़ चुके हैं...(183240) GT
