सम्भल सम्भल के चलना साथी लम्बा सफर है...गीत-
जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक गीत सुना रहे हैं:
सम्भल सम्भल के चलना साथी लम्बा सफर है-
सफर करने का एक नवा अवसर है-
सम्भल सम्भल के चलना साथी लम्बा सफर है-
कभी कभी दोस्त मिलेगा और मिलेगा दोस्ती-
चलते चलते कभी दोस मिले कभी दुश्मन भी मिलेंगे-
सम्भल सम्भल के चलना साथी लम्बा सफर है...(AR)
