हम तेरे शहर में आयें हैं...गीत-
ग्राम-मटिया आलम, जिला-कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुकई कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
हम तेरे शहर में आये हैं-
मुसाफिर की तरह-
मेरे मंजिल है कहां-
मेरा ठिकाना है कहां-
सुबह तक तुझसे-
बिछड़ कर मुझे जाना है कहां... (AR)
